टीम एबीएन, पटना/रांची। कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा जारी है, जिसके तहत राहुल गांधी कन्याकुमार से कश्मीर तक के सफर पर निकले हैं। इसी तरह बिहार में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर एक लंबी यात्रा करने जा रहे। जिसके तहत वो ज्यादातर जिलों और शहरों को कवर करेंगे। राजनीतिक विश्लेषक इस यात्रा को नीतीश सरकार को सीधी चुनौती के तौर पर देख रहे। पीके ने रविवार को ट्वीट कर लिखा कि देश के सबसे गरीब और पिछड़े राज्य बिहार में व्यवस्था परिवर्तन का दृढ़ संकल्प। पहला महत्वपूर्ण कदम - समाज की मदद से एक नई और बेहतर राजनीतिक व्यवस्था बनाने के लिए अगले 12-15 महीनों में बिहार के शहरों, गांवों और कस्बों में 3500 किलोमीटर की पदयात्रा। बेहतर और विकसित बिहार के लिए जनसुराज। वैसे प्रशांत किशोर पिछले काफी दिनों से नीतीश सरकार पर काफी ज्यादा हमलावर हैं। उन्होंने अपने ट्विटर पर कई ऐसे वीडियो शेयर किए, जो बिहार सरकार के विकास के दावों की पोल खोल रहे हैं। इससे पहले पीके ने कहा था कि इस यात्रा का मकसद समाज के हर वर्ग से मिलना है। वो बिहार को पूरी तरह से सुधारना चाहते हैं, जिस वजह से वो 15 साल का ब्लू प्रिंट तैयार कर उसे जनता को दिखायेंगे। पीके का मानना है कि बिहार में नया राजनीतिक विकल्प तैयार करने की जरूरत है।