मनोरंजन
मिनरल वाटर से कितना अलग और महंगा होता है काला पानी
ABN Bureau
•
28 Sep, 2022
•
9 मिनट में पढ़ें
2 Views
विज्ञापन
एबीएन सेंट्रल डेस्क। जेनरल वाटर, ड्रिंकिंग वाटर, मिनरल वाटर और अब आ गया है ब्लैक वाटर। मलाइका अरोड़ा, काजल अग्रवाल, श्रुति हसन, उर्वशी रौतेला और कुछ अन्य सेलिब्रिटीज कई मौकों पर ब्लैक वाटर के साथ नजर आ चुके हैं। लेकिन इस ब्लैक वाटर में आखिर होता क्या है? क्या यह केवल एक क्लास है या फिर सच में इसे जरूरत या फायदे के लिए इस्तेमाल किया जाता है? यह तो हम सभी जानते हैं कि हमारे शरीर का 70 फीसदी हिस्सा पानी होता है। पानी की कमी होने पर स्वास्थ्य संबंधित दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। शरीर से अवांछित चीजें बाहर निकालने में भी पानी का अहम रोल होता है। शरीर का ताप नियंत्रित रखने से लेकर भोजन के ठीक से पचने तक पानी की भूमिका है। ऐसे में जरूरी है कि हम पानी पीते रहें। लेकिन ये सब तो सामान्य पानी पीने से भी होगा। फिर सेलिब्रिटीज ब्लैक वाटर क्यों पीती हैं? आइए जानते हैं ब्लैक वाटर के बारे में विस्तार से।
क्या होता है ब्लैक वाटर : ब्लैक वाटर एक खास तरह का पानी है, जो शरीर का वजन नियंत्रित रखने में मदद करता है। ध्यान रहे कि यह मदद करता है, वजन घटा नहीं देता। इसे अल्केलाइन आयोनाइज्ड वाटर भी कहा जाता है। मेडिकल जर्नल एविडेंस बेस्ड कॉम्प्लिमेंटरी एंड अल्टर्नेटिव मेडिसीन के अनुसार, लैब में चूहों पर परीक्षण करने के बाद पता चला है कि अल्केलाइन वाटर शरीर का वजन कंट्रोल करने में मदद करती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जिम करने या फिजिकल एक्सरसाइज करने के दौरान जब शरीर से काफी पसीना निकलता है तो इसके बाद ब्लैक वाटर से कुछ हद तक मदद मिलती है। यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की सप्लाई बढ़ा देता है। कुछ कंपनियां अल्केलाइन वाटर से बढ़ती उम्र का असर कम करने का भी दावा करती हैं। हालांकि इसके वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं।
सामान्य पानी से कितना अलग है ब्लैक वाटर : सामान्य पानी में मिनरल्स कम होते हैं, जिनकी कमी बीमारियों का कारण भी बनती हैं। वहीं ब्लैक वाटर में मैग्नेशियम और कैल्शियम जैसे मिनरल्स होते हैं। इसे तैयार करनेवाली कंपनियों का दावा है कि ब्लैक वाटर से शरीर में मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया तेज होती है और पाचन का स्तर सुधरता है। इससे इम्यूनिटी बढ़ने का भी दावा किया जाता है।
आपने पानी के पीएच लेवल के बारे में पढ़ा होगा। एक्सपर्ट के अनुसार, पानी की अम्लीयता और उसके अल्केलाइन यानी क्षारीय तत्वों को पीएच में 0 से 14 अंक के स्केल पर मापा जाता है। अगर पानी का पीएच लेवल 1 हो, यानी वह पानी ज्यादा अम्लीय है, जबकि पीएच लेवल 13 का मतलब है, उस पानी में क्षारीय तत्वों की मात्रा अधिक है। सामान्य पानी का पीएच लेवल 6 से 7 होता है, जबकि अल्केलाइन वाटर का पीएच लेवल 7 से अधिक होता है। लेकिन केवल पीएच लेवल अधिक रहने से ही ब्लैक वाटर फायदा नहीं पहुंचायेगा। बल्कि मिनरल्स भी मायने रखते हैं।
ब्लैक वाटर के क्या फायदे हैं :
रिसर्चर्स का कहना है कि अल्केलाइन वाटर से उन लोगों को मदद मिलती है जिन्हें कुछ स्वास्थ्य समस्याएं हों। जैसे कि यह पेप्सिन नाम के एंजाइम से होने वाली एसिडिटी को दूर करने में मदद करता है। इस पानी का पीएच 8.8 हो तो इस एंजाइम का प्रभाव कम हो जाता है।
ब्लैक वाटर में 70 तरह के मिनरल पाए जाते हैं जो कि बॉडी को हाइड्रेट रखता है और एनर्जी देता है। यह बॉडी को डिटॉक्स भी करता है। रिसर्च के अनुसार, इलेक्ट्रोलाइज्ड एल्केलाइन वाटर में एंटीओबेसिटी इफेक्ट पाया जाता है। यानी यह वजन कम करने में भी सहायक होता है। अमेरिका के थॉमस जेफरसन यूनिवर्सिटी के अनुसार, नॉर्मल पानी की तुलना में अधिक पीएच लेवल वाला अल्केलाइन वाटर पीने से ब्लड सकुर्लेशन बेहतर होता है।
यह कितना महंगा है : फिलहाल भारत में कई ब्रांड के ब्लैक वाटर एवलेबल हैं। इनमें एक नाम है इवोकस का। मलाइका अरोड़ा खान के हाथों में जो बॉटल दिखती है, वो इसी ब्रांड का होता है। इसके 6 हाफ लीटर वाले बोतल 600 रुपये में मिलते हैं। यानी 3 लीटर की कीमत 600 रुपये, यानी 200 रुपये प्रति लीटर। इसकी एक बोतल में 32 मिलिग्राम कैल्सियम, 21 मिलिग्राम मैग्नीशियम और 8 मिलिग्राम सोडियम होता है. वहीं वैद्य ऋषि ब्रांड का ब्लैक वाटर के छह हाफ लीटर वाले बोतल का सेट भी 594 रुपये में उपलब्ध हैं।
विज्ञापन