Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
लाइव: 27
होम ई-पेपर देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन
मनोरंजन

चित्रपट झारखंड के फिल्म फेस्टिवल में कुल 34 फिल्मों की स्क्रीनिंग

शेयर करें: WhatsApp Facebook X Back to ePaper
चित्रपट झारखंड के फिल्म फेस्टिवल में कुल 34 फिल्मों की स्क्रीनिंग
विज्ञापन

टीम एबीएन, रांची। चित्रपट झारखंड द्वारा आयोजित तीन दिवसीय फिल्म फेस्टिवल के दूसरे दिन विभिन्न विधाओं की कुल 34 फिल्मों की सफल स्क्रीनिंग की गयी। फिल्म प्रेमियों और प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक फिल्मों का अवलोकन किया। 

दूसरे दिन मोबाइल फिल्म मेकिंग कार्यशाला का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को मोबाइल के माध्यम से फिल्म निर्माण की तकनीकी बारीकियों की जानकारी दी गयी। यह कार्यशाला प्रतिभागियों के कौशल और तकनीकी ज्ञान को विकसित करने में उपयोगी सिद्ध हुई। 

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अंतर्गत झारखंड फिल्म एंड थिएटर एसोसिएशन (जेएफटीए) के कलाकारों ने तीन प्रभावशाली नुक्कड़ नाटकों वो पागल नहीं, बीमार था, खामोशी कब तक तथा गरीबदास का शून्य (पद्मश्री अशोक चक्रधर की कविता पर आधारित) का मंचन किया। 

कलाकारों के सशक्त अभिनय और सामाजिक सरोकारों से जुड़े इन नाटकों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया तथा फिल्म फेस्टिवल के वातावरण को और भी जीवंत बना दिया। फिल्म फेस्टिवल का समापन सत्र कल दोपहर 3:30 बजे से आयोजित होगा।

मौके पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। समापन समारोह में विजेता फिल्मों एवं प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा तथा तीन दिवसीय आयोजन का औपचारिक समापन होगा। उक्त जानकारी चित्रपट झारखंड के मीडिया समन्वय स्निग्ध कुमार रंजन ने दी।

स्क्रीनिंग की गई फ़िल्मों की सूची:-

प्रथम सत्र की फिल्में

  • खामोश थाली
  • धनबाद की कोयला खदानें एवं प्रभावित क्षेत्र
  • झरिया (जलती हुई धरती)
  • झरिया राज: जलता हुआ साम्राज्य
  • एकल की छाँव
  • लातेहार पर्यटन की अनकही दास्तान
  • कछुए की कहानी
  • लड़िए छोड़ब नहीं
  • हाथी मेरे साथी
  • काल शिला
  • पलाश
  • प्रेम जाल
  • जगह
  • अलार्म
  • दाग
  • हैप्पी बर्थडे (जन्मदिन मुबारक)

द्वितीय सत्र की फिल्में

  • झरिया का मुंगरू
  • माही
  • टूटी उड़ान
  • दहाड़
  • धुआँ
  • जय माँ काली
  • झारखंड चुनाव
  • पैतकर
  • परंपरा की पुनर्कल्पना
  • कोबरा का पुनर्जन्म
  • सिमडेगा के इतिहास का पुनर्पाठ
  • पूर्वजों के खेल
  • लॉकडाउन की गोद में
  • प्रेरणा
  • मिट्टी का सम्मान
  • ऑन ड्यूटी – ऑफ ड्यूटी (ड्यूटी पर – ड्यूटी के बाद)
  • बोलो नहीं, करो
  • अंतहीन सफर
विज्ञापन