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गुलाब सलाट : मेहनत, लगन और आत्मविश्वास की जीवंत मिसाल

गुलाब सलाट : मेहनत, लगन और आत्मविश्वास की जीवंत मिसाल
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एबीएन एंटरटेनमेंट डेस्क। गुलाब सलाट एक्शन एक्टर को मिला है पुरस्कार अभिनंदन पत्र लोक गौरव राष्ट्रीय एकात्मता परिषद राष्ट्रीय एकता सन्मान महासोळा राज्यस्तरीय लोक सेवा गौरव अवार्ड गुलाब सलाट एक्शन ऐक्टर को कार्यक्षेत्र व कला अभिनय के रूप में 12 अक्टूबर 2025 वाशी नवी मुंबईस्पेशल थैंक्स नासिर खान सर सलमा खान मैडम जी।

गुजरात के आनंद जिले के एक साधारण परिवार में जन्मे गुलाब सलाट आज भारतीय सिनेमा के उभरते हुए एक्शन एक्टर के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। गरीबी, संघर्ष और असफलताओं के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनके जीवन की कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखता है, लेकिन हालात से हार मान लेता है। 

गुलाब को अब तक कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं दिल्ली बॉलीवुड सिने रिपोर्टर अवार्ड, नागपुर गौरव महाराष्ट्र अवार्ड, मुंबई जन गौरव कार्य दर्पण अवार्ड, वडोदरा सिने मीडिया अवार्ड, और वाइब्रेंट गुजराती फिल्म अवार्ड। ये सम्मान उनके कठिन परिश्रम और प्रतिभा की पहचान हैं। 

संघर्ष की शुरुआत : तंबू से मुंबई तक का सफर 

गुलाब के पिता तम्मा भाई सलाट बेहद गरीब थे और उन्होंने अपना पूरा जीवन एक खाट-तंबू में बिताया। लेकिन उन्होंने अपने बेटे के सपनों को कभी मरने नहीं दिया। बचपन से ही गुलाब फिल्मों की दुनिया से आकर्षित थे। मात्र 8 साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता से कहा कि एक दिन वे फिल्मों में काम करेंगे।

पिता ने बेटे के सपनों के लिए दिन-रात मेहनत की और उन्हें आॅल इंडिया वाडो काई कराटे दो अकादमी में दाखिला दिलाया। यहीं से गुलाब ने अपने जीवन की दिशा तय की एक्शन और मार्शल आर्ट के जरिए फिल्मी दुनिया में नाम कमाना। 

हैदराबाद से मुंबई तक- मेहनत और धोखे की कहानी 

डांस और जिमनास्टिक में माहिर होने के लिए गुलाब हैदराबाद गये, जहां उन्होंने एक साल की डिग्री हासिल की। इसके बाद उनके पिता उन्हें लेकर मुंबई पहुंचे ताकि उन्हें फिल्म में काम मिल सके। 

लेकिन किस्मत ने फिर परीक्षा ली एक डायरेक्टर ने गुलाब के पिता से 15,000 ठग लिये और काम देने का वादा पूरा नहीं किया। निराश होकर पिता-पुत्र वापस आनंद लौट आये। कुछ समय बाद तम्मा भाई का निधन हो गया। यह गुलाब के जीवन का सबसे कठिन दौर था। 

संघर्ष से सफलता तक 

पिता की मृत्यु के बाद गुलाब ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने कराटे सिखाना शुरू किया, छोटे-छोटे शो किए और डांस प्रस्तुतियों से जो भी कमा सकते थे, उससे घर चलाया। उनके परिवार में दो भाई और दो बहनें थीं, और मां की तबीयत भी बिगड़ती जा रही थी। 

इन्हीं संघर्षों के बीच गुलाब ने निश्चय किया कि वे अपने पिता का नाम रोशन करेंगे। लगातार प्रयासों के बाद उन्हें टीवी सीरियल जय जय जग जननी दुर्गा मां जय बजरंगबली में काम करने का अवसर मिला। इसके बाद फिल्मों में भी उनका सफर शुरू हुआ। 

अब एक्शन ही पहचान है 

गुलाब सलाट आज एक प्रशिक्षित एक्शन एक्टर हैं, जिन्होंने मार्शल आर्ट, कराटे, जिमनास्टिक, योगा, बॉडी स्टंट, ब्रेक डांस, लाठी, ननचाकू, तलवार, राइफल शूटिंग और फिल्मी अभिनय में महारत हासिल की है। उनका कहना है- मैं अपने पिता का नाम रोशन करने का सपना जल्द ही पूरा करूंगा। 

गुलाब सलाट की यह यात्रा न सिर्फ एक अभिनेता की कहानी है, बल्कि उस संघर्षशील भारतीय युवा की दास्तान है जो हालात से नहीं, बल्कि अपने हौसलों से लड़ता है।

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