टीम एबीएन, रांची। झारखंड में पिछले तीन दिनों की बारिश से संथाल परगना को छोड़ कर अन्य जिलों की स्थिति सुधरी है। राज्य में अब सामान्य से मात्र 26 फीसदी बारिश कम रह गयी है। राज्य में अब तक 532.3 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य तौर पर 721 मिमी जून से होनी चाहिए थी। सात जिलों में बारिश सामान्य के करीब (19% से अधिक या कम) हो गयी है। 13 जिलों में सामान्य से 50 फीसदी से कम बारिश हुई है।
बारिश के मामले में संथाल परगना वाले चार जिलों की स्थिति बहुत ही खराब है। अच्छी बारिश होने से कोल्हान की नदियां और जलाशय उफान पर है। तीन दिनों की बारिश से जमशेदपुर स्थित स्वर्णरेखा नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी है। पूर्वी सिंहभूम, खूंटी, रांची, सराईकेला-खरसावां, पश्चिम सिंघभूम जिले के कुछ भागों में सोमवार को हल्के से मध्यम दर्जे की मेघ गर्जन तथा वज्रपात के साथ वर्षा होने का अनुमान है, इसको लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। मौसम को देखते हुए लोगों को आगाह किया गया है कि वे सतर्क और सावधान रहें। सुरक्षित स्थान में शरण लें। पेड़ों के नीचे ना रहें। राजधानी रांची की बात करें तो लगातार तीन दिनों की बारिश ने डैमों का जलस्तर बढ़ा दिया है। विभागीय अभियंताओं ने बताया कि डैमों में अब पर्याप्त पानी हो गया है। ऐसे में अगले एक साल तक बिना राशनिंग के शहर की 10 लाख आबादी को जलापूर्ति की जा सकती है। कांके डैम खतरे के निशान पर पहुंच गया है।