एबीएन सेंट्रल डेस्क। दक्षिण पश्चिम मॉनसून के अगले दो से तीन दिनों के दौरान केरल पहुंचने का अनुमान है। इससे पहले, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने एक पखवाड़े पहले बंगाल की खाड़ी में आए चक्रवाती तूफान ‘आसनी’ के प्रभाव के कारण शुक्रवार (27 मई) को केरल में मॉनसून की शुरुआत का अनुमान जताया था। पूवार्नुमान में चार दिनों की ‘मॉडल’ त्रुटि थी। विभाग ने कहा, मौसम संबंधी नये संकेतों के अनुसार, दक्षिण अरब सागर के निचले स्तरों में पछुआ हवाएं चलनी तेज हो गई हैं। सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार केरल तट और उससे सटे दक्षिण पूर्व अरब सागर में बादल छाए हुए हैं। इसलिए, अगले दो से तीन दिनों के दौरान केरल में मॉनसून की शुरूआत के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं।
समय से पहले अंडमान निकोबार द्वीपसमूह पहुंचा था मानसून : मॉनसून वक्त से काफी पहले 16 मई को अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह पहुंच गया था और च्रकवात के शेष प्रभाव के चलते इसके आगे बढ़ने के आसार थे। ब्रिटेन स्थित ‘यूनिवर्सिटी आॅफ रीडिंग’ में शोधकर्ता अक्षय देवरस ने ट्विटर पर कहा, मॉनसून अब केरल के अक्षांश पर पहुंच गया है। हालांकि, राज्य में बारिश का होना मॉनसून की शुरूआत की घोषणा करने के लिए अभी उचित नहीं है।
मानसून की वजह से हो सकती है बारिश : विभाग ने केरल और लक्षद्वीप में हल्की / मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया है और अगले पांच दिनों के दौरान आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में हल्की बारिश का अनुमान जताया है। मौसम कार्यालय ने अगले चार दिनों के दौरान जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हल्की / मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। इसने कहा कि अगले दो से तीन दिनों के दौरान उत्तराखंड, उत्तरी पंजाब, उत्तरी हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में दूरदराज के क्षेत्रों में बारिश होने का अनुमान है।