टीम एबीएन, रांची। वन्यजीव सप्ताह 2026 प्रकृति एवं वन्यजीव संरक्षण के संकल्प के साथ भव्य समापन समारोह संपन्न हुआ। वन्यजीवों एवं प्राकृतिक विरासत के संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखंड सरकार द्वारा वन्यजीव सप्ताह 2026 जिसे 2 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक मनाया गया। जिसका दिनांक 7 अक्टूबर, 2026 को समापन समारोह पलाश हॉल, डोरंडा में आयोजित किया गया। सप्ताह भर चले विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों, प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया।
समापन समारोह की शुरुआत बच्चों द्वारा मनमोहक स्वागत गीत प्रस्तुत कर किया गया जिसने पूरे वातावरण को जीवंत कर दिया। सभागार में मौजूद अथितिगण एवं अन्य द्वारा बच्चों की मधुर प्रस्तुति की सराहना की गयी। इसके पश्चात बच्चों द्वारा वन्यजीवों एवं प्रकृति के संरक्षण पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता, प्राकृतिक आवासों के संरक्षण तथा पर्यावरण के प्रति प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी का प्रभावशाली संदेश दिया।
इसके बाद आरसीसीएफ एवं सीसीएफ वाइल्डलाइफ श्री एस. आर. नटेश-आईएफएस ने सभागार में उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत करते हुए उन्होंने वन्यजीव सप्ताह के आयोजन को वन्यजीव संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
कार्यक्रम में धरित्री कला केंद्र के छोटे बच्चों द्वारा आकर्षक नृत्य प्रस्तुति किया गया। जिसे दर्शकों की खूब सराहना मिली। बच्चों के नृत्य ने समारोह में उत्साह एवं उमंग का माहौल बना दिया। इसके बाद समापन समारोह के इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं हेड आॅफ फारेस्ट फोर्स संजीव कुमार ने कहा कि वन्यजीव सप्ताह का उद्देश्य केवल एक सप्ताह तक कार्यक्रम आयोजित करना नहीं था, बल्कि समाज में वन्यजीवों और प्रकृति के संरक्षण के प्रति स्थायी जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था।
उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों द्वारा प्रस्तुत गीत, नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रम यह दशार्ते हैं कि प्रकृति संरक्षण की भावना बचपन से ही विकसित की जानी चाहिए। आज के बच्चे ही कल के प्रकृति प्रहरी बनेंगे।
उन्होंने सभी प्रतिभागियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं आयोजन से जुड़े लोगों को बधाई देते हुए कहा कि वन्यजीव संरक्षण के लिए जनभागीदारी को निरंतर मजबूत करने की आवश्यकता है और झारखंड की समृद्ध जैव-विविधता, वन और वन्यजीव हमारी अमूल्य प्राकृतिक विरासत हैं। इनके संरक्षण की जिम्मेदारी हम सभी की है और सामूहिक प्रयासों से ही आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति को सुरक्षित रखा जा सकता है।
इसके बाद सभी प्रतिभागियों एवं सभागार में उपस्थित सभी को संबोधित करते हुए पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ एवं मुख्य वाइल्डलाइफ वार्डन रवि रंजन (आईएफएस) ने कहा कि प्रकृति हमारी विरासत है, वन्यजीव उसका अभिन्न हिस्सा हैं— प्रकृति बचेगी, वन्यजीव बचेंगे—तभी हमारा भविष्य सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा हमें मिलकर इसकी रक्षा करनी होगी। आइए, हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि अपनी प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए एक समृद्ध और संतुलित पर्यावरण छोड़ेंगे।
इसके बाद वन्यजीव सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं जैसे भाषण, एमसीक्यू, चित्रकला, ड्राइंग सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में बच्चों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, उनमे से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों एवं विजेताओं को पुरस्कार एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया।