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तारा कोल ब्लॉक को लेकर केंद्र पर बरसे कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी सुखदेव भगत

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तारा कोल ब्लॉक को लेकर केंद्र पर बरसे कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी सुखदेव भगत
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  • तारा कोल ब्लॉक को लेकर केंद्र पर बरसे कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी सुखदेव भगत, बोले
  • 10 लाख पेड़ काटकर और एलीफैंट कॉरिडोर उजाड़कर कौन सा विकास होगा?
  • हसदेव-अरण्य की नीलामी छत्तीसगढ़ के साथ धोखा

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। छत्तीसगढ़ के प्रभारी एवं लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने हसदेव-अरण्य के तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को छत्तीसगढ़ के साथ धोखा बताते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने आदिवासी समाज, ग्राम सभाओं और पर्यावरण की चिंताओं को दरकिनार कर हसदेव के जंगलों को उद्योगपतियों के हवाले करने का रास्ता खोल दिया है।

 सांसद सुखदेव भगत ने कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश के एक्स पर जारी बयान को साझा करते हुए कहा कि तारा कोल ब्लॉक की नीलामी मोदानी मॉडल का एक और उदाहरण है। उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा हाल में तारा कोल ब्लॉक की नीलामी की गई है और इसकी विजेता कंपनी सीजी सिन-गैस एंड केमिकल्स लिमिटेड बताई गई है, जो मुंद्रा सिनर्जी लिमिटेड की सहायक कंपनी है। मुंद्रा सिनर्जी लिमिटेड, अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की सहायक कंपनी है। भगत ने कहा कि इस फैसले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

26 जुलाई 2022 को छत्तीसगढ़ विधानसभा ने सर्वसम्मति से हसदेव क्षेत्र में कोई नया कोल ब्लॉक नहीं देने का प्रस्ताव पारित किया था। इसके बाद 16 जुलाई 2023 को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा था कि हसदेव में नई खदान की आवश्यकता नहीं है। इतना ही नहीं, 19 अक्टूबर 2023 को केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने तारा समेत 40 कोल ब्लॉकों को डीनोटिफाई कर दिया था।

 उन्होंने कहा कि इसके बावजूद तारा कोल ब्लॉक की नीलामी किया जाना केंद्र सरकार की नीति और उसके पुराने फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सुखदेव भगत ने कहा कि तारा कोल ब्लॉक करीब 5,000 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें 4,000 एकड़ से अधिक घना जंगल है। कांग्रेस के अनुसार, खनन के लिए 10 लाख से अधिक पेड़ों की कटाई का खतरा है। इससे लेमरू एलीफेंट रिजर्व और हाथियों के प्राकृतिक कॉरिडोर पर भी गंभीर असर पड़ने की आशंका है। 

सांसद ने कहा कि हसदेव-अरण्य छत्तीसगढ़ की आत्मा है। भाजपा सरकार ने विधानसभा के सर्वसम्मत प्रस्ताव और आदिवासी समाज के करीब 15 वर्षों के संघर्ष को कुचलकर अपने चहेते उद्योगपति के लिए जंगल का रास्ता खोल दिया है। उन्होंने सवाल किया कि 10 लाख पेड़ काटकर और एलीफेंट रिजर्व को बर्बाद करके आखिर कौन सा विकास किया जाएगा? 

जंगल उजाड़ना विकास नहीं, बल्कि पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। सुखदेव भगत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हसदेव-अरण्य के आदिवासी भाई-बहनों, ग्राम सभाओं और पर्यावरण संरक्षण की लड़ाई लड़ रहे लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है।उन्होंने कहा कि हसदेव के जंगलों और आदिवासी अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस हर स्तर पर आवाज बुलंद करेगी।

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