एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत की नदियों को जोड़ने की परियोजना के तहत गंगा (फरक्का)- दामोदर-सुवर्णरेखा लिंक की व्यवहार्यता रिपोर्ट (एफआर) पूर्ण हो गई है और अब इसकी डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार की जा रही है। इस परियोजना से तीन राज्यों प.बंगाल, ओडिसा और झारखंड के नदियों को आपस में जोड़ कर इंटर बेसिन जल अंतरण (ट्रांसफर) के द्वारा जल स्रोतों के विकास किया जाएगा। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे को पत्र भेज कर यह जानकारी दी है। सांसद निशिकांत दुबे ने 22 दिसंबर 2021 को नियम 377 के तहत लोक सभा में यह मामला उठाया था। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने नदियों को जोड़ने की परियोजना की अब तक की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि झारखंड से सम्बन्धित पांच इंटर स्टेट लिंक में गंगा (फरक्का) दामोदर सुवर्णरेखा लिंक की व्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण होने के बाद इसकी डीपीआर बनाने का काम चल रहा है। इस परियोजना से दुमका सहित झारखंड के कई जिलों को फायदा होगा। झारखंड से सम्बन्धित सोन डैम-गंगा लिंक की सहायक नदियों से लिंक, साउथ कोयल -सुवर्णरेखा, शंख -साउथ कोयल और बराकर दामोदर सुवर्णरेखा की पूर्व व्यवहार्यता रिपोर्ट पूर्ण हो गई है।बता दें कि इंटर बेसिन जल अंतरण लिंक के द्वारा जल स्रोतों के विकास के लिए सिंचाई मंत्रालय (अब जल शक्ति मंत्रालय) ने 1980 में राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में जल संसाधन का प्लान (एनपीपी) तैयार किया था। नदियों को जोड़ने के इस राष्ट्रीय योजना के तहत नेशनल वाटर डेवेलपमेंट एजेंसी (एनडब्ल्यूडीए) ने व्यवहार्यता रिपोर्ट (एफआर) तैयार करने के लिए 30 लिंक को चिन्हि्त किया था। इसमें 16 लिंक प्रायद्वीपीय घटक से थे जबकि 14 लिंक हिमालयन घटक से थे। इसमें गंगा (फरक्का) दामोदर सुवर्णरेखा लिंक हिमालयन घटक के अन्तर्गत है। सांसद निशिकांत दुबे के अनुसार भारत के नदियों को जोड़ने के इंटर स्टेट लिंक के कामों में तेजी आई है। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अधीन कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। खुशी की बात है कि गंगा (फरक्का) दामोदर सुवर्णरेखा लिंक की व्यवहार्यता रिपोर्ट (पीएफआर) पूर्ण हो गई है और अब डीपीआर का काम चल रहा है। इस परियोजना से दुमका सहित झारखंड के कई जिलों को फायदा होगा। झारखंड से सम्बन्धित कई इंटर स्टेट लिंक की भी पूर्व व्यवहार्यता रिपोर्ट पूरी हो गई है।