- विश्व पर्यावरण दिवस पर नवा बिहान द्वारा वृक्षारोपण सह गोष्ठी का आयोजन
- देशभर से आए इंटर्नशिप के विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
टीम एबीएन, रांची। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सामाजिक संस्था नवा बिहान – नर्चरिंग इनिशिएटिव्स द्वारा राँची के होचर, रिंग रोड क्षेत्र में वृक्षारोपण सह गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों एवं प्रतिष्ठित महाविद्यालयों से इंटर्नशिप के लिए आए छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम का शुभारंभ अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत, राँची जिला इकाई के अध्यक्ष आलोक कुमार पांडे एवं उपाध्यक्ष बृज मोहन ओझा द्वारा नीम एवं कदम के पौधे लगाकर किया गया। दोनों अतिथियों ने पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए लोगों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा पौधों की नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राँची जिला पुलिस के सार्जेंट मेजर आनन्द राज खालको ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2026 के विश्व पर्यावरण दिवस का मुख्य विषय जलवायु परिवर्तन : पृथ्वी के संकेत और हमारी प्रतिक्रिया है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी लगातार हमें बढ़ते तापमान, असामान्य मौसम, जल संकट तथा जैव विविधता में कमी के रूप में चेतावनी दे रही है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के वैश्विक अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अभियान सभी लोगों से आगे बढ़कर अधिक प्रयास करने तथा पहले से ही गतिमान दुनिया को सही दिशा देने का आह्वान करता है। उन्होंने कहा कि केवल सरकारों के प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी से ही जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना किया जा सकता है।
नवा बिहान के जिला अध्यक्ष गौतम तिवारी के संरक्षण में होचर, रिंग रोड क्षेत्र में वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस दौरान लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण की जिम्मेदारी भी स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण प्रदान करने का संकल्प है। उन्होंने सभी युवाओं से अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नवा बिहान के संस्थापक आर. अजय ने कहा कि देशभर से आए इंटर्नशिप के छात्र-छात्राएं विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति ही विकसित भारत के भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है। युवाओं के पास ऊर्जा, नवाचार और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि केवल आर्थिक विकास ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि नवा बिहान द्वारा संचालित सामुदायिक विकास कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, स्वास्थ्य, आजीविका संवर्धन एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में लगातार कार्य किया जा रहा है। संस्था का उद्देश्य युवाओं को समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करना तथा उन्हें सेवा, नेतृत्व और सतत विकास की भावना से जोड़ना है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ लेते हुए प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, अधिक से अधिक वृक्ष लगाने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा स्वच्छ और हरित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने सामुदायिक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने और पर्यावरण संबंधी गतिविधियों में निरंतर भागीदारी निभाने का भी संकल्प व्यक्त किया।
कार्यक्रम में विभिन्न महाविद्यालयों से आए इंटर्नशिप के प्रतिभागियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां उन्हें केवल व्यावहारिक अनुभव ही नहीं प्रदान करतीं, बल्कि समाज और पर्यावरण के प्रति उत्तरदायित्व की भावना भी विकसित करती हैं। उन्होंने नवा बिहान द्वारा प्रदान किए जा रहे सामुदायिक विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के अवसरों की सराहना की।
कार्यक्रम का समापन एक पेड़ माँ के नाम, पेड़ लगाओ–भविष्य बचाओ तथा हरित भारत, विकसित भारत के संदेश के साथ किया गया। सभी प्रतिभागियों ने पौधों की सुरक्षा एवं संरक्षण का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में कृतिका लकड़ा, स्वीटी भेंगरा, किरण नागौवर, सृष्टि कुमारी मुण्डा, शुभम कुमार, रौशन कुमार, अंकित भगत, सौरभ कुमार महतो, आयुष कुमार, मनोहर ओरांव, तन्मय जयसवाल, साक्षी जसवाल, रोहित कुमार, अमन राज, प्रिया तांशू मुन्डा, आर्यन केरकेट्टा, श्रेष्ठा जयसवाल, कृषिका अग्रवाल, अमन कुमार, प्रवीण कुमार केरकेट्टा, सुमंत कुमार यादव, कुमार तनिष्क, आर्यन, निरंजन और एस कुमार का सहयोग सहराणीय रहा।