पृथ्वी की सुरक्षा ही मानवता की सुरक्षा है : संजय सर्राफ
एबीएन सेंट्रल डेस्क। हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष सह झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि हर वर्ष 22 अप्रैल को विश्वभर में विश्व पृथ्वी दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमारी धरती के संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से समर्पित है।
पृथ्वी दिवस का प्रारंभ वर्ष 1970 में अमेरिका के सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन के प्रयासों से हुआ था। बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरणीय संकट को देखते हुए उन्होंने एक जन आंदोलन की शुरुआत की, जो आज वैश्विक अभियान का रूप ले चुका है। विश्व पृथ्वी दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि पृथ्वी ही हमारा एकमात्र घर है और इसका संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग, वनों की कटाई, जैव विविधता का ह्रास और प्रदूषण जैसी समस्याएं पृथ्वी के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन चुकी हैं। ऐसे में यह दिवस हमें चेताता है कि यदि अभी ठोस कदम नहीं उठाये गये, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इस दिवस की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि जनभागीदारी पर आधारित एक वैश्विक आंदोलन है।
दुनिया भर के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग इस दिन वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, प्लास्टिक मुक्त अभियान और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में भाग लेते हैं। स्कूलों, कॉलेजों, सामाजिक संगठनों और सरकारी संस्थाओं द्वारा जागरूकता कार्यक्रम, रैलियां और सेमिनार आयोजित किए जाते हैं। विश्व पृथ्वी दिवस का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य सतत विकास को बढ़ावा देना भी है।
इसका अर्थ है कि हम अपने वर्तमान की आवश्यकताओं को इस प्रकार पूरा करें कि भविष्य की पीढ़ियों के संसाधनों पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। जल संरक्षण, ऊर्जा की बचत, पुनर्चक्रण और हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना इसी दिशा में आवश्यक कदम हैं।आज के डिजिटल और औद्योगिक युग में पर्यावरण पर बढ़ता दबाव चिंता का विषय है। वायु और जल प्रदूषण के कारण मानव स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
ऐसे में पृथ्वी दिवस हमें अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव लाने की प्रेरणा देता है, जैसे-प्लास्टिक का कम उपयोग, पेड़ लगाना, जल की बचत करना और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाना। अंतत: विश्व पृथ्वी दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का निरंतर स्मरण है। यदि हम सभी मिलकर पृथ्वी की रक्षा के लिए संकल्प लें और उसे व्यवहार में उतारें, तभी हम एक स्वच्छ, हरित और सुरक्षित भविष्य की कल्पना को साकार कर सकते हैं। पृथ्वी की सुरक्षा ही मानवता की सुरक्षा है,यही इस दिवस का मूल संदेश है।