पुलिस की सुरक्षा में बढ़ाते हैं परिवार
टीम एबीएन, खूंटी। गरुड़ पक्षियों का बसेरा कर्रा थाना परिसर में है। यहां के लोगों का कहना है कर्रा थाना में गरुड़ की छोटी प्रजाति सालों से आती है। गरुड़ की चहचहाहट से पुलिसकर्मियों की सुबह होती है और शाम तक गरुड़ और दूसरे पक्षियों की आवाज से थाना परिसर गूंजता रहता है।
कर्रा थाना परिसर के बगीचे में गरुड़ की छोटी प्रजाति के पक्षियों का प्रवास है। थाना परिसर में गरुड़ पक्षियों का सालों से बसेरा है और पुलिस उन्हें पूरी तरह सुरक्षा देती है। यही नहीं गरुड़ के अलावा मैना, कबूतर, बगुला जैसे पक्षियों का बसेरा है। खूंटी जिले के इस थाने के अलावा इस तरह की पक्षियों का बसेरा कहीं नहीं है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार गरुड़ पक्षी को भगवान विष्णु का वाहन बताया गया है। इनसे जुड़ी कई कथा प्रचलित हैं।
थाना परिसर में रह रहे गरुड़ मौजूद अन्य पक्षियों की चहचहाहट की आवाज से उनकी सुबह होती है।थाना परिसर में एक अलग ही शांति मिलती है। गरुड़ यहां पर खुद को सुरक्षित महसूस करता हैं। यही कारण है कि यहां वर्षों से इनका बसेरा है, लेकिन अक्टूबर माह आते आते अपने पूरे परिवार को लेकर कहीं चले जाते हैं। इनकी वापसी फरवरी में होती है और यह सितंबर महीने तक रहते हैं।
थाना परिसर में आम समेत कई पेड़ है लेकिन गरुड़ आम के पेड़ में निवास करते हैं। जबकि बगुला और मैना भी आम के पेड़ में रहते है लेकिन दोनों के रहने का तरीका अलग है। गरुड़ और बगुला के बीच कभी भी हिंसक झड़प नहीं होती है। थाना परिसर में यह दोनों पक्षी शांति से रहते हैं। यही कारण है कि यहां पुलिसकर्मियों के अलावा बाहर से आये लोग भी इनकी चहचहाहट की आवाज से आनंदित रहते हैं।