- विश्व हाथी दिवस पर लिया गया हाथियों के संरक्षण का संकल्प, जंगल छोड़ गांव पहुंचने का बताया कारण
टीम एबीएन, रांची। हाथियों को संरक्षित करने के लिए विश्व हाथी दिवस के मौके पर वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के द्वारा एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को यह जानकारी दी गयी कि झारखंड के जंगलों में बचे हाथियों का संरक्षण कैसे किया जा सके।
वन विभाग के अधिकारी भी हाथियों को बचाने के लिए और हाथियों के कहर से ग्रामीणों को बचाने के लिए आये दिन प्रयास करते रहते हैं। वन विभाग ने कई बार यह बताया है कि हाथी जंगल से बाहर तभी आते हैं, जब जंगलों को नष्ट किया जाता है।
आज बढ़ते शहरीकरण और आधुनिकीरण की वजह से जंगल समाप्त हो रहे हैं। जिस वजह से जंगली जानवर गांव या फिर शहर की ओर आम लोगों के बीच पहुंच जाते हैं। झारखंड में हाथियों के झुंड आये दिन लोगों के घरों को नष्ट करता है। इस वजह से राज्य सरकार को अपने कोष से लोगों के घरों के पुनर्निर्माण के लिए आर्थिक रूप से सरकारी मदद दी जाती है।