टीम एबीएन, रांची। झारखंड में हीटवेव और तापमान में वृद्धि से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आसमान आग उगल रहा है। सड़कें तप रही है। दोपहर को घर से कहीं निकलना जानलेवा साबित हो सकता है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार है।
गोड्डा में पारा 43 पार है। अगले 3-4 दिनों में गर्मी से राहत की उम्मीद भी नहीं है। इधर, भीषण गर्मी के बीच अस्पतालों में लू की चपेट में आकर बीमार पड़ने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। स्थानीय अस्पतालों में जहां औसतन प्रतिदिन 20-30 मरीज आते थे वहीं अब ओपीडी में मरीजों की संख्या 70 के पार जा रही है। सब में लक्षण समान हैं। लोग उल्टी, पेट दर्द, सिर दर्द, तेज बुखार, दस्त और कमजोरी की शिकायत लेकर अस्पताल आ रहे हैं।
चिकित्सकों की मानें तो यह सारे लक्षण हीटवेव की वजह से बीमार पड़ने के हैं। चूंकि गर्मी से फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं है तो फिर उपाय क्या है?
हीटवेव, भीषण गर्मी और तापमान में वृद्धि को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को कुछ सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सकों के परामर्श से कुछ उपाय बताये हैं जिनसे भीषण गर्मी में खुद को स्वस्थ्य रखा जा सकता है।
- चिकित्सकों की मानें तो गर्मी में लोगों को स्ट्रीट फूड खाने से परहेज करना चाहिए।
- लोगों के तला-भुना और मसाले वाले भोजन से परहेज करना चाहिए। सादा भोजन करना चाहिए।
- जितना हो सके तरल पदार्थ (पानी, छाछ, लस्सी, नींबू-पानी, शर्बत और नमक-चीनी का घोल) का सेवन करना चाहिए।
- मौसम फल जैसे कि तरबूज, खरबूज, खीरा, ककड़ी आदि का सेवन करना चाहिए।
- गर्मियों में कच्चे आम और बेल का शर्बत भी लाभदायक होता है।