- समुद्र की स्थिति काफी खराब होने की संभावना, 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है हवा
एबीएन सेंट्रल डेस्क। आईएमडी ने कहा कि बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र आज चक्रवात का रूप ले सकता है। भारत में इससे नुकसान का खतरा कम है, क्योंकि 12 मई तक यह उत्तर-उत्तर पश्चिम की तरफ बढ़ेगा और फिर उसके बाद बांग्लादेश और म्यांमार की तरफ निकल जायेगा।
आईएमडी ने मछुआरों, छोटी नाव चलाने वालों, बड़ी नाव और ट्रॉलर चलाने वालों को मंगलवार के बाद से दक्षिण पूर्व और मध्य बंगाल की खाड़ी और उत्तर अंडमान सागर में नहीं जाने की सलाह दी है। आईएमडी ने कहा कि कम दबाव के क्षेत्र के अवसाद में बदलने की वजह से अंडमान व निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में गुरुवार तक कहीं हल्की तो कही मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि हवा की गति 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है। पूवार्नुमान के अनुसार, अगर चक्रवात गंभीर रूप लेता है तो हवा की गति 120-170 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है।
यह उत्तर-पश्चिमी हवाओं को मजबूत करेगा, जिसके कारण देश भर में तापमान में वृद्धि होगी। उच्च दबाव का क्षेत्र और एंटी-साइक्लोनिक मूवमेंट पाकिस्तान और आस-पास के क्षेत्रों से शुष्क व गर्म हवाओं को भारतीय क्षेत्र की ओर खींचेगा।
अंडमान सागर से सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना एक कम दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान के रूप में विकसित हो चुका है। मोचा नाम का यह चक्रवात भारत से नहीं टकराएगा। अब यह बांग्लादेश और म्यांमार के तट से टकरा सकता है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र एक अवसाद के रूप में बदल चुका है। यह उत्तर की ओर बढ़ रहा है और 10 मई तक एक चक्रवाती तूफान के रूप में तब्दील हो जाएगा।
आईएमडी ने कहा कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहे चक्रवात मोचा के शुक्रवार, 12 मई तक बहुत गंभीर तूफान में बदलने की संभावना है। इसके साथ ही हवा की गति 130 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।