- इन चार दिनों में मिल सकती है शीत लहर से राहत
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कड़ाके की ठंड से ठिठुर रहे उत्तर भारत के लोगों के लिए राहत की खबर है। अगले चार दिनों तक राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित उत्तर भारत में शीत लहर की स्थिति की संभावना नहीं है। हालांकि अगले चौबीस घंटों के दौरान इन क्षेत्रों में घना कोहरा छाया रहेगा। पिछले चौबीस घंटों के दौरान मौसम की बात करें तो दिल्ली में मंगलवार को शीतलहर की स्थिति से उत्तर पश्चिमी भारत को प्रभावित करने वाले एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के कारण थोड़ी राहत मिली। इस वजह से उत्तर भारत के कई इलाकों में तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि दर्ज की गई।
राजस्थान के चुरु में सबसे कम 1.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। हालांकि घने कोहरे के कारण दृश्यता घटकर 50 मीटर रह गई जिससे सड़क तथा रेल यातायात प्रभावित हुआ। जम्मू कश्मीर में ज्यादातर स्थानों पर तापमान शून्य से नीचे चला गया लेकिन श्रीनगर और कुपवाड़ा में कुछ बेहतर स्थिति रही। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि इस सप्ताह के आखिर तक घाटी एक और पश्चिमी विक्षोभ की चपेट में आ सकती है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा बुलेटिन के अनुसार उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों से शीत लहर की स्थिति कम हो गयी है और अगले चार दिनों के दौरान उत्तर भारत में शीत लहर की स्थिति की संभावना नहीं है। मौसम विज्ञानी तीव्र ठंड के लंबे दौर के लिए दो पश्चिमी विक्षोभों के बीच एक बड़े अंतर को जिम्मेदार ठहराते हैं, जिसका अर्थ है कि बर्फ से ढंके पहाड़ों से ठंडी हवाएं सामान्य से अधिक समय तक चलीं। आईएमडी के एक अधिकारी ने कहा कि जब एक पश्चिमी विक्षोभ (मध्य पूर्व से आने वाली गर्म नम हवाओं वाली एक मौसम प्रणाली) एक क्षेत्र में पहुंचता है, तो हवा की दिशा बदल जाती है। इसलिए, पहाड़ों से उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं कुछ दिनों के लिए बहना बंद कर देंगी, जिससे तापमान में वृद्धि होगी।
मौसम विभाग ने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले तीन दिनों में उत्तर पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है, जबकि अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस तक जाने की संभावना है। उसने कहा अगले चौबीस घंटों के दौरान पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया रहेगा और ठंड की स्थिति बनी रहेगी।