- जेसीबी से मिट्टी कटाई में अबतक सैकड़ों सखुआ के पेड़ हो गये धराशायी
- ग्रामीणों के विरोध के बावजूद मिट्टी ढोने में दर्जनों हाइवा का हो रहा इस्तेमाल
- ग्रामीणों ने पश्चिमी वन प्रमंडल के डीएफओ को आवेदन देकर जांच की मांग की
टीम एबीएन, कटकमसांडी /हजारीबाग। प्रखंड के कठौतिया हॉल्ट से टोरी चंदवा तक रेलवे निर्माण में मिट्टी फिलिंग के नाम पर शाहपुर जंगल से मिट्टी ढोया जा रहा है। जंगलों में जेसीबी मशीनों से मिट्टी उठाकर दर्जनों हाइवा से रेलवे में मिट्टी फिलिंग किया जा रहा है। मिट्टी कटाई के दौरान अबतक सैकड़ो बड़े बड़े सखुवा के पेड़ गिराया जा रहा है। ग्रामीणो के विरोध के बावजूद शाहपुर वन क्षेत्र में धड़ल्ले से मिट्टी कटाई की जा रही है।
इस बाबत शाहपुर के सैकड़ो ग्रामीणो ने पश्चिमी वन प्रमंडल, हजारीबाग के डीएफओ व डीसी को ज्ञापन सौंपकर वनों की सुरक्षा की गुहार लगाई है। ग्रामीणो का कहना है कि जेसीबी से खोदे गए गए बड़े बड़े गड्ढे में डूबकर इंसानों व वन्य जीव जंतुओं की जानें जा सकती है। इतना ही नही, मिट्टी की खुदाई में गिराए गए सखुआ के पेड़ो को लकड़ी तस्करों द्वारा रात दिन ढोकर ले जाया जा रहा है। अबतक सैकड़ों एकड़ वन भूमि से मिट्टी उठाकर रेलवे निर्माण मे लगाया जा चुका है और अभी भी मिट्टी ढोने मे दर्जनों हाइवा का इस्तेमाल किया जा रहा है।
ग्रामीणो के मुताबिक सतमोरवा जंगल से लगातार ढोए जा रहे मिट्टी से पेड़ पौधे बर्बाद हो चुके हैं। मिट्टी की कटाई करते करते रेलवे निर्माण में लगे जेसीबी मशीनों व हाइवा दुधमटिया जंगल मे प्रवेश कर सैकड़ों पेड़ों को धराशायी कर चुके हैं। इतना सबकुछ होने के बाद भी वन विभाग व गठित वन सुरक्षा समिति मौन है। यूं कहें कि वन विभाग व वन सुरक्षा समिति पर भी ग्रामीण उंगली उठाने लगे हैं।