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2022 में रबी फसलों की कुल बुआई में 15% से ज्याद की बढ़ोतरी

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2022 में रबी फसलों की कुल बुआई में 15% से ज्याद की बढ़ोतरी
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एबीएन सेंट्रल डेस्क। रबी फसलों की बुआई अब और रफ्तार पकड़ने लगी है। अब तक गेहूं की बुआई शुरू नहीं होने के बावजूद कुल रबी फसलों की बुआई में अच्छी खासी वृद्धि होना काफी महत्वपूर्ण है। पिछले साल की तुलना में इस साल शुक्रवार तक रबी फसलों की बुआई में 15 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बेमौसम बारिश से धान की कटाई में हो रही देरी की वजह से अब तक गेहूं की बुआई शुरू नहीं हो सकी है। हालांकि सरसों और चने की बुआई तेजी से हो रही है। मिट्टी की नमी का बेहतर उपयोग करने के लिए किसान जल्द से जल्द बुआई करने पर जोर दे रहे हैं। भारत सरकार के कृषि व किसान कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार चालू रबी सीजन में 28 अक्टूबर तक देश भर में 32.09 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में रबी फसलों की बुआई हो चुकी है। जो पिछली समान अवधि में हुई 27.69 लाख हेक्टेयर में बुआई से 15.89 फीसदी ज्यादा है। बुआई में इतनी वृद्धि तब होना और भी महत्वपूर्ण है जब प्रमुख रबी फसल गेहूं की बुआई शुरू भी नहीं हुई है। इसके बावजूद रबी फसलों की बुआई बढ़ने की अहम वजह किसानों द्वारा सरसों और चने की बोआई पर जोर देना है। अब तक 18.99 लाख हेक्टेयर में सरसों की बुआई हो चुकी है, जो पिछले साल की समान अवधि में 14.21 लाख हेक्टेयर में हुई बुआई से 33.63 फीसदी अधिक है। अब तक हुई कुल रबी फसलों की बुआई में सरसों की हिस्सेदारी करीब 60 फीसदी है। पूरे सीजन सरसों का रकबा आमतौर पर करीब 64 लाख हेक्टेयर रहता है। इस लिहाज से देखा जाए तो सरसों की 30 फीसदी बुआई हो चुकी है। कुल बुआई में चने की हिस्सेदारी भले ही सरसों से कम हो, लेकिन बुआई में वृद्धि दर इसकी ज्यादा है। 28 अक्टूबर तक 6.96 लाख हेक्टेयर में चने की बुआई हो चुकी है, जो पिछले साल की समान में चने की बुआई 4.12 लाख हेक्टेयर से 68.93 फीसदी अधिक है। अब तक कुल बुआई में चने की हिस्सेदारी करीब 22 फीसदी है। ज्वार की बुआई बढ़कर दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। अब तक 3.42 लाख हेक्टेयर में ज्वार की बुआई हो चुकी है, जबकि पिछले साल समान अवधि में यह आंकड़ा 1.58 लाख हेक्टेयर था। किसान स्वराज संगठन के अध्यक्ष और मध्य प्रदेश के किसान भगवान मीणा का कहना है कि इस बार लंबे समय तक बारिश होने के कारण खेतों में नमी है, जो खासकर चने और सरसों की बुआई होने के बाद भी इसकी फसल के लिए फायदेमंद रहने वाली है। इसलिए अभी किसान सरसों और चने की बुआई पर जोर दे रहे हैं। भाव अच्छे मिलने के कारण इस साल सरसों की बुआई काफी बढ़ सकती है। मीणा गेहूं की बुआई के बारे में कहते हैं कि अगले सप्ताह से गेहूं की बोआई भी शुरू होने की उम्मीद है।
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