एबीएन सोशल डेस्क। आपने ब्लैक टी या दूध वाली टी के बारे में बहुत कुछ सुना होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं व्हाइट टी क्या होती है और ये कैसे बनती है?
आज नेशनल चाय डे है। ये दिन हर उस शख्स के लिए खास है, जो चाय पीने के शौकीन हैं। चाय के शौकीन ब्लैक, ब्राउन, दूध वाली, ग्रीन टी पीते हैं, लेकिन अब चलन व्हाइट टी का भी आ रहा है। आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये व्हाइट टी क्या होती है और कैसे बनाई जाती है, तो नीचे की स्लाइड में जानते हैं आपके हर सवाल का जवाब। साथ ही जानते हैं कि आखिर ये चाय महंगी भी क्यों होती है।
क्या होती है व्हाइट टी : व्हाइट टी में कुछ खास अलग नहीं होता है। बस, इस चाय को बनाने की प्रोसेस ही अलग होती है। इस चाय को कैमेलिया पौधे की पत्तियों से बनाया जाता है। कैमेलिया पौधे की पत्तियों और कलियों को काफी जल्दी तोड़ लिया जाता है, जिस वक्त उनके आसपास सफेल बाल जैसे रेशे होते हैं। इसके बाद शुरुआती पत्तियों को प्रोसेस में लाया जाता है और उससे जो चाय बनती है, उसे व्हाइट टी कहते हैं। आपको बता दें कि इस पेड़ की पत्तियों से सामान्य चाय भी बनाई जा सकती है। मगर इसे पहले ही प्रोसेस में लाकर व्हाइट टी के लिए तैयार कर दिया जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जब चाय की पत्तियों को जल्दी तोड़ दिया जाता है तो उन्हें ऑक्सीकृत होने का मौका नहीं मिलता है, फिर इसे सुखाकर चाय बनाया जाता है। इसलिए ये दूसरी चाय से अलग होती हैं। क्यों है फायदेमंद- जीरो आक्सीडाइस होनी की वजह से यह बहुत हेल्दी होती है। इसमें टैनीन, फ़्लोराइड्स, फ़्लेवोनॉइड्स और एंटीऑक्सीडेंट के गुण पाये जाते हैं। इसमें कैफिन की मात्रा बहुत कम होती है। इसलिए हेल्थ के हिसाब से अच्छी चाय माना जाता है।
क्यों होती है महंगी : बता दें कि इस चाय की डिफिकल्ट प्रोसेस ही इस चाय को महंगी बनाती है। फसल को उगाने और देखभाल की पूरी प्रक्रिया बहुत ज्यादा समय लेने वाली होती है। साथ ही इसका खास ख्याल रखना होता है और इसे सही समय पर तोड़ना और उसे सही समय में प्रक्रिया में लाना जरूरी होता है।