टीम एबीएन, लोहरदगा। जिले भर में रविवार को महिलाओं ने जीवित्पुत्रिका का व्रत पूरे विधि-विधान के साथ मनाया। शनिवार को नहाय-खाय के साथ प्रारंभ हुआ जीवित्पुत्रिका व्रत सोमवार को सूर्योदय के साथ समाप्त हो गया। रविवार को महिलाओं ने अपनी संतान की लंबी उम्र व सुख-समृद्धि की कामना को ले 24 घंटे का निर्जला व्रत रखते हुए कथा का श्रवण किया। सोमवार को पारण के साथ जीवित्पुत्रिका व्रत का समापन हो गया। ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को करने से संतान को लंबी उम्र के साथ-साथ सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। कई स्थानों पर इस व्रत को बड़े ही वृहद पैमाने पर मनाया जाता है। पर्व की खास बातें हैं पर्व के दौरान जहां शुद्धता का खास ख्याल रखा जाता है वही अपने आचार-विचार में भी शुद्धता अपनाई जाती है। जीवित्पुत्रिका व्रत महिलाएं सामूहिक रूप से एक स्थान पर एकत्रित हो पूरे विधि-विधान के साथ धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेती है।