टीम एबीएन, देवघर/रांची। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला का आगाज हो चुका है। 2 साल बाद सावन के पावन महीने में एक बार फिर भक्त अपने भगवान से मिलने आ रहे हैं। सुल्तानगंज उत्तरवाहिनी गंगा से कांवर में जल लेकर पांव पैदल यात्रा करते हुए 105 किलोमीटर की दूरी तय कर बाबा नगरी पहुंचने वाले कांवरियों के अंदर गज़ब का उत्साह देखने को मिल रहा है। ऐसे में कावरियों की सुविधा को देखते हुए दुम्मा बॉर्डर से कुजुरिया तक कांवरिया पथ पर जगह-जगह इंद्र वर्षा के लिए सिस्टम लगाए गए हैं।
कांवरिया पथ कांवरियों को गर्मी से राहत देने के लिए जिला प्रशासन ने एक तय दूरी पर इसकी व्यवस्था की है। दरअसल, पैदल यात्रा के दौरान कांवरियों को धूप लगती है ऐसे में इंद्र वर्षा के सिस्टम की मदद से आर्टिफिशियल बारिश करा कर कांवरियों को राहत देने की कोशिश की जाती है। कांवरिया भी इस वर्षा का जमकर आनंद लेते हैं।
इंद्र वर्षा से कांवरियों को गर्मी से काफी राहत मिलती है। कांवरिया बताते हैं कि इंद्र वर्षा हम कांवरियों के लिए काफी राहत देने वाली व्यवस्था है। जब बारिश नहीं होती है तो धूप में चलने में काफी कठिनाई होती है तो इंद्र वर्षा के जरिए अपने शरीर को कुछ देर तक ठंडा करके आगे बढ़ते हैं। फिर कुछ ही दूरी के अंतराल पर फिर दूसरे इंद्र वर्षा से यह सुखद आनंद मिलता है, जो काफी राहत देने का कार्य करता है। कोरोना महामारी के कारण पिछले 2 वर्षों से श्रावणी मेला को स्थगित कर दिया गया था, जिससे बाबा भोलेनाथ के भक्त देव नगरी देवघर नहीं पहुंच रहे थे। वह इस वर्ष से श्रावणी मेला का आयोजन किया जा रहा है, जिससे भारी संख्या में कांवरिया देवघर बाबा बैजनाथ मंदिर पहुंच रहे हैं। ऐसे में कांवरियों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन तमाम व्यवस्थाओं में जुटी हुई है।