समाज
योगगुरु जगदीश सिंह ने बताये स्वस्थ रहने के गुर
ABN Bureau
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19 Jun, 2022
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टीम एबीएन, रांची। हर वर्ष 21 जून को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष में आयुष द्वारा जारी किए गए सामान्य योग अभ्यासक्रम (कॉमन योगा प्रोटोकोल) को आठ ( 8 ) भागों में विभाजित किया गया है।
पहले भाग में वंदन है यानी प्रार्थना। दूसरे भाग में चालन क्रियाएं हैं, जिसे चार भागों में विभाजित किया गया है : 1) ग्रीवा चालन, 2) स्कंद संचालन, 3) कटि चालन, 4) घुटना संचालन।
ग्रीवा चलन के चार चरण हैं : प्रथम चरण - गर्दन को ऊपर और नीचे की ओर झुकाना, द्वितीय चरण - दाएं एवं बाई और झुकाना, तृतीय चरण - दाएं और बाएं घुमाना, चतुर्थ चरण - ग्रीवा घुमाना।
स्कंध संचालन को दो चरणों में विभाजित किया गया है : चरण 1 - स्कंद खिंचाव, चरण 2 - स्कंध चक्र (स्कंध चालन)।
सामान्य योग अभ्यासक्रम के तीसरे भाग में योगासन है, जिसे चार भागों में विभाजित किया गया है- पहला : खड़े होकर किए जाने वाले आसन - ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्ध चक्रासन, त्रिकोणासन।
दूसरा : बैठकर किए जाने वाले आसन - भद्रासन, वज्रासन, अर्ध उष्ट्रासन, उष्ट्रासन, शशांक आसन, उत्थान मंडूकासन, वक्रासन, भुजंगासन।
तीसरा : उदर के बल लेटकर किए जाने वाले आसन - मकरासन, शलभासन।
चौथा : पीठ के बल लेट कर किए जाने वाले आसन - सेतुबंध आसन, उत्तानपादासन, अर्ध हलासन, पवनमुक्तासन शवासन।
सामान्य योग अभ्यासक्रम के चौथे भाग में कपालभाति का जिक्र है : सामान्य योग अभ्यास के पांचवे भाग में प्राणायाम को रखा गया है जिसमें तीन तरह के प्राणायाम है : पहला - नाड़ी शोधन अथवा अनुलोम विलोम प्राणायाम। दूसरा - शीतली प्राणायाम। तीसरा - भ्रामरी प्राणायाम।
सामान्य योग अभ्यासक्रम के छठे भाग में ध्यान है। सातवें भाग में संकल्प एवं आठवे भाग में शांति पाठ करके समाप्त किया जाता है। (Jagdish Singh
Masters in Yogic Science)
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