समाज
मानसिक सबलता, भावनात्मक संतुलन और जीवन में आनंद लाने माध्यम है योग : डॉ बासुदेव दास (निदेशक, सीआईपी)
ABN Bureau
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16 Jun, 2022
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टीम एबीएन, रांची। सत्यानन्द योग मिशन के अध्यक्ष स्वामी मुक्तरथ जी के दिशा-निर्देशन में आज से एक सप्ताह का योगाभ्यास साधना सत्र केंद्रीय मनश्चिकित्सा संस्थान (सीआईपी) कांके में शुरू किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक बासुदेव दास, वरिष्ठ चिकित्सा पदाधिकारी डॉ संजय मुंडा सहित काफी संख्या में डॉक्टर्स, नर्स और संस्थान के कर्मचारी तथा स्वास्थ्य लाभ लेने वाले आवासीय मरीज योगासन, प्राणायाम एवं शिथिलीकरण का अभ्यास किये। पुरुष वर्ग में योग कक्षा का संचालन योगाचार्य गौरव कुमार और अवनीश कुमार ने किया, जबकि महिला वर्ग में योग कक्षा का संचालन योग प्रशिक्षक पियुष कुमार और अंशु कुमार ने किया। शान्ति मन्त्र से योग कक्षा की शुरूआत हुई तत्पश्चात सभी लोगों को ताड़ासन, कटि चालन, त्रिकोणासन, वृक्षासन, पाद हस्तासन, अर्ध चक्रासन, जोड़ों के सूक्ष्म अभ्यास, मेरु वक्रासन, उत्तान कुर्मासन, कंधरासन (सेतुबंध), शशांकासन/ शशकासन, उष्ट्रासन, मकरासन, उत्तान पादासन, शलभासन, भुजंगासन, शवासन तथा प्राणायाम में नाड़ीशोधन, कपालभाति, सीतली/ सीत्कारी एवं भ्रामरी को कराया गया। सीआईपी के निदेशक डॉ वासुदेव दास ने कहा योग केवल शरीर के फिटनेस के लिए नहीं है, यह योग मानसिक सबलता को लाता है और मन को तनावमुक्त रखता है। यह भावनात्मक असंतुलन को ठीक करता है तथा जीवन को आनंदमय बना देता है। सभी लोगों को अपने दिनचर्या में योग को शामिल करना बहुत जरूरी है। योगाचार्य गौरव कुमार ने कहा वर्तमान समय बिकट स्थिति के दौर से गुजर रहा है, हर तरफ अशांति, तेजी से बढ़ता डिप्रेशन, सुसाईडल केश और कम उम्र में बढ़ता रोग इन सभी को योग और ध्यान करके ठीक किया जा सकता है। अव्यवस्थित समाज को स्थिर किया जा सकता है।
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