एबीएन सोशल डेस्क। आदिवासी समुदाय सागवान के पत्तों का छाते के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। ज्यादातर इस तरह के प्राकृतिक छाते बुजुर्गों के पास देखने को मिल जाते हैं। आदिवासी समुदाय के पास ऐसी कई चीजों के ज्ञान का है। यह कला उन्होंने कहा, डिग्री लेकर नहीं बल्कि सदियों से पीढ़ी दर पीढ़ी अपने पुरखों से हासिल की है।