टीम एबीएन, रांची। रांची के धुर्वा में भगवान जगन्नाथ के नये रथ का निर्माण जोरों पर है। ओडिशा के पुरी से आए कारीगर दिन रात मेहनत कर रथ का एक एक हिस्सा जोड़ने में जुटे हैं। भगवान जगन्नाथ के नए रथ के निर्माण की गूंज से पूरी रांची भक्ति से सराबोर नजर आ रही है। ओडिशा से पहुंचे कारीगरों की कारीगरी का अक्श नये रथ में नजर आ रहा है। करीब 40 लाख की लागत से बन रहा नया रथ पुराने रथ से तीन गुना भारी होगा। नए रथ के निर्माण की जिम्मेदारी संभालने वाले प्रथम सेवक ठाकुर सुधांशु नाथ शाहदेव बताते हैं कि 3 मई यानी अक्षय तृतीया के दिन से इस नए रथ के निर्माण का कार्य शुरू किया गया है। कारीगरों के मुताबिक 15 जून के बाद से नये रथ की रंगाई पुताई का काम शुरू कर दिया जाएगा। सिर्फ इतना ही नहीं इसके निर्माण को लेकर बकायदा जिला प्रशासन की ओर से एक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। आइए जानते हैं भगवान जगन्नाथ का नया रथ पुराने रथ से कितना अलग होगा।
आकर्षक होगा भगवान जगन्नाथ का नया रथ : नये रथ में 8 पहिये, चार फीट डायमीटर के होंगे। नये रथ की लंबाई चौड़ाई 26*26 फीट, पुराना रथ की 20*20। नये रथ की ऊंचाई 36 फीट, पुराने रथ की थी 25 फीट। नये रथ के सबसे उपर दो उल्टा सुग्गा आमने सामने होगा। लकड़ी और पीतल का अलग-अलग कलश होगा। रथ के सबसे ऊपर नीलचक्र होगा। रथ पर भगवान जगन्नाथ के सामने सुदर्शन चक्र होगा। नये रथ पर तीन स्तर पर बैठने की जगह होगी। रथ पर बने सबसे ऊंचे सिंहासन पर भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा विराजमान होंगे। भगवान जगन्नाथ के सिंहासन के 1 फीट नीचे प्रथम सेवक और पुजारियों का सिंहासन होगा। नये पर चढ़ने के लिए चारों दिशाओं में अलग-अलग द्वार होंगे। भगवान जगन्नाथ के रथ में चार लकड़ी के घोड़े होंगे। करीब 40 लाख की लागत से रथ का हो रहा निर्माण।