एबीएन सेंट्रल डेस्क। लोंग माउंटेन स्थित हिंदी प्रचारिणी सभा के सभागार में साहित्यिक सांस्कृतिक शोध संस्था द्वारा हिन्दी के वैश्विक प्रचार-प्रसार मे राम कथा की भूमिका पर सेमिनार का आयोजन किया गया जिसमें संस्था के सचिव डॉ प्रदीप कुमार सिंह ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि जानकी नवमी के दिन हम सब राम कथा पर चर्चा कर रहे हैं, यह अपने आप में विशेष बात है। उन्होंने कहा कि जिस तरह राम के व्यक्तित्व में सीता का व्यक्तित्व समाहित है, उसी तरह सीता भी राम में समाहित हैं। दोनों जब आपस में मिलते हैं तो सियाराम के रूप में पूज्य हो जाते हैं। इससे पहले हिंदी प्रचारिणी सभा मॉरीशस के अध्यक्ष यंतुदेव बुधु, कोषाध्यक्ष चंद्र ज्योति बुबन और हिंदी प्रचारिणी सभा मॉरीशस की सचिव रोहिणी रामस्वरूप ने भारत से मॉरीशस आए सभी प्रतिनिधियों को प्रमाण पत्र और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। सेमिनार में अरुण भटनागर, डॉ आशा तिवारी ओझा,रमा शंकर शुक्ल, प्रशांत श्रीवास्तव, डॉ शीरीन कुरैशी, अरविंद कुमार श्रीवास्तव, हिमांशु मिश्रा दीपक, डॉ जेपी शर्मा, मीमांसा ओझा, अलका भटनागर, माधुरी सिंह, हरिशंकर ओझा तथा डॉ रंजय कुमार सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि राम कथा के माध्यम से हिंदी भाषा का प्रचार विश्व के कई देशों में हुआ है। कार्यक्रम का संयोजन साहित्यिक सांस्कृतिक शोध संस्था की ओर से डॉ आशा तिवारी ओझा, डॉ किरण शर्मा डॉ पुष्पा सिंह, डॉ सुनीता चौहान और राजकुमार चौधरी ने किया। जानी-मानी लोक गायिका डॉक्टर नीतू कुमारी नवगीत ने इस अवसर पर मां जानकी से संबंधित लोक गीतों की प्रस्तुति दी। उन्होंने मिथिला के पुष्प वाटिका प्रसंग को शानदार तरीके से पेश किया। देखकर रामजी को जनक नंदिनी बाग में बस खड़ी की खड़ी रह गई राम देखे सिया को सिया राम को चारो अखिया लड़ी की लड़ी रह गई, सिया जी बहिनिया हमार हो राम लगिहैं पहुनवा, सखी फूल लोरहे चालु फुलवरिया सीता के संग सहेलियां इत्यादि गीतों की प्रस्तुति करके नीतू नवगीत ने सबका मन मोह लिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में माधुरी सिंह द्वारा सरस्वती वंदना की प्रस्तुति हुई। दीप प्रज्वलन के पश्चात मीमांसा ओझा द्वारा भाव नृत्य श्री रघुवर कोमल कमल नयन को पहनाओ जयमाला को पेश किया गया।