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क्या सचमुच ताजमहल के नीचे 22 कमरों में हैं हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां...

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क्या सचमुच ताजमहल के नीचे 22 कमरों में हैं हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां...
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एबीएन नॉलेज डेस्क। ताजमहल एक बार फिर सुर्खियों में है और इस बार ताजमहल की चर्चा हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियों की वजह से है। दरअसल, इस बार 22 कमरे और हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्ति को लेकर ताजमहल की चर्चा हो रही है। वैसे तो पहले भी तेजोमहालय जैसी थ्योरी के चलते भी ताजमहल की काफी चर्चा हुई थी। इस बार इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में ताजमहल को लेकर एक याचिका दायर की गई, जिसमें कहा गया कि ताजमहल के 22 कमरे खोले जाएं ताकि मालूम चल सके कि उसके भीतर देवी देवताओं की मूर्तियां और शिलालेख हैं या नहीं? ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि आखिर क्या सही में ताजमहल के अंदर 22 कमरे हैं और हिंदू-देवी देवताओं की मूर्ति लगी होने के पीछे क्या तर्क हैं। ऐसे में जानते हैं कि ताजमहल को लेकर क्या दावे किए जा रहे हैं और इन दावों को लेकर इतिहास के पन्नों में क्या लिखा हैङ्घ क्या है याचिकाकर्ता का दावा? याचिकाकर्ता ने मांग की है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को इजाजत दी जाए कि वो ताजमहल के अंदर 22 कमरे खोलें, जिससे ये मालूम चल सके कि वहां हिंदू मूर्तियां और शिलालेख छिपे हैं या नहीं? इस याचिका में 1600 ईस्वी में आए तमाम यात्रियों ने अपने यात्रा वर्णन में मानसिंह के महल का जिक्र किया है। ताजमहल 1653 में बना था, 1651 का औरंगजेब का एक पत्र सामने आया जिसमें वह लिखता है कि अम्मी का मकबरा मरम्मत कराने की जरूरत है, ऐसे तमाम तथ्यों के आधार पर अब पता लगाए जाने की जरूरत है कि ताजमहल के बंद इन 22 कमरों में क्या है? क्या ताजमहल में हैं 22 कमरे : ताजमहल में कमरों को लेकर कई कहानियां हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ताजमहल में मुख्य मकबरे और चमेली फर्श के नीचे 22 कमरे बने हैं, जिन्हें बंद कर दिया गया है। उनका कहना है कि यह कमरे मुगल काल से बंद हैं। बताया जाता है कि इन कमरों को आखिरी बार 1934 में खोला भी गया था। तब यहां केवल निरीक्षण किया गया था। उसके बाद से ये बंद हैं। इसके अलावा ताजमहल की आधिकारिक वेबसाइट पर भी कुछ कमरों की जानकारी दी गई है, जिनमें आम आदमियों की एंट्री बैन हैं। ये कमरे सेंट्रल टॉम्ब चेंबर के चारों और बने हैं और उनमें कांच लगे हैं, जिन्हें शीश महल भी कहा जाता है। वैसे कई सरकारी डॉक्यूमेंट में भी इन कमरों का जिक्र है। र्ट्रिब्यून इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक आरटीआर में भी केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने इन कमरों को सिक्योरिटी कारणों से बंद किया गया है और इन कमरों को लेकर ज्यादा जानकारी शेयर नहीं की गई है। ऐसे में कहा जा सकता है कि ताजमहल में कमरे हैं। अब इसमें हिन्दू मूर्तियां होने की बात कही जा रही है और देखना है कि इसका कब पर्दाफांश होता है। कुतुबमीनार से भी ऊंचा है ताजमहल बता दें कि ताजमहल दिल्ली में स्थित कुतुब मीनार से ऊंचा है। दुनिया की सबसे ऊंची मीनार कुतुब मीनार की ऊंचाई 72।5 मीटर और ताजमहल की ऊंचाई 73 मीटर है। कुतुब मीनार का निर्माण दिल्ली सल्तनत के संस्थापक कुतुबुद्दीन ऐबक के द्वारा 1199 में शुरू कराया गया था। वहीं, ताजमहल का निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां द्वारा 1632 में शुरू हुआ था।
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