एबीएन सेंट्रल डेस्क। जहां एक तरफ दो साल बाद जोरों-शोरों से अमरनाथ यात्रा की तैयारियां चल रही हैं वहीं दक्षिण कश्मीर में आतंकी हमले तेज होने की चेतावनी दी जा रही है। जिससे अब अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा चिंता का कारण बनती जा रही है। खुफिया अधिकारियों द्वारा मिली जानकारी के बाद सेना का अब सारा जोर दक्षिण कश्मीर में होगा जहां अमरनाथ यात्रा में शामिल होने वाले लाखों श्रद्धालु आएंगें और चिंता की बात यह है कि ताजा आतंकी हमलों, आतंकी गतिविधियों तथा पत्थरबाजों का गढ़ भी हमेशा दक्षिण कश्मीर ही रहा है। रक्षा सूत्रों का कहना है कि 30 जून से आरंभ होने जा रही अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने हजारों सैनिकों को दक्षिण कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में व्याप्क तलाशी अभियान आरंभ करने की तैयारी करने को कहा गया है। इन अभियानों का लक्ष्य तलाश करो और मार डालो ही होगा। अभी तक यही होता आया था कि सेना अमरनाथ यात्रा की शुरूआत से पहले आतंकियों को क्षेत्र से भगाने का अभियान छेड़ती थी लेकिन अब रणनीति को बदल दिया गया है। वैसे अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा की खातिर सेना की तैनाती आधिकारिक तौर पर नहीं होगी। सेनाधिकारी का कहना है कि उनके पास यात्रा के बाहरी इलाकों की सुरक्षा का भार हमेशा की तरह रहेगा। आधिकारिक तौर पर 50 हजार से अधिक अर्द्ध सैनिक बलों को अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा की खातिर तैनात किया जाएगा। इनकी तैनाती लखनपुर के प्रवेश द्वार से लेकर अमरनाथ गुफा तक के रास्तों पर होगी।