एबीएन नॉलेज डेस्क। देश में साल-दर-साल शराब यानी अल्कोहल लेने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। कभी सोचा है कि इंसान को शराब की लत क्यों लग रही है। वैज्ञानिकों ने इसका जवाब दिया है। उन्होंने अपनी रिसर्च में इसकी वजह बताई है। यह रिसर्च करने वाली यूनिवर्सिटी आॅफ कैलिफोर्निया के शोधकर्ताओं का कहना है, इंसान में शराब की लत का एक कनेक्शन बंदरों से रहा है। साइंस डेली की रिपोर्ट में शोधकर्ताओं का कहना है, इस बात को समझने के लिए पनामा में ब्लैक-हैंडेड स्पाइडर मंकी पर रिसर्च की गई। रिसर्च के दौरान उनके खाए गए फलों और पेशाब के सैम्पल को इकट्ठा किया गया। इनकी जांच की गई। जांच में सामने आया कि बंदर ऐसे फलों को खाते हैं जो थोड़ा सड़ गए हों। इनमें 1 से 2 फीसदी तक शराब की मात्रा रहती थी।
शोधकर्ताओं के मुताबिक, प्राकृतिक फर्मेंटेशन की प्रक्रिया से गुजरने वाले फल में कम मात्रा में अल्कोहल होती है। यही अल्कोहल बंदरों से लिए गए सैम्पल में मिला है। बंदर ऐसा क्यों करते हैं इसे समझने की कोशिश की गई। रिपोर्ट में सामने आया कि शराब पीने के बाद उन्हें एनर्जी मिलती है। इस एनर्जी को पाने के लिए वो बार-बार ऐसा करने की कोशिश करते हैं। शोधकर्ता क्रिस्टीना कैम्पबेल का कहना है, रिसर्च में यह साबित हो चुका है कि इंसान की तरह बंदर अल्कोहल वाली चीजें लेना पसंद करते हैं। हमारी रिसर्च साबित करती है कि ड्रंकन मंकी हाइपोथेसिस में सच्चाई है। हालांकि रिसर्च के दौरान अभी यह नहीं पता चल पाया है कि बंदर कितने ऐसे फल खाते हैं और उनके बिहेवियर में इससे कितनी तरह का बदलाव आता है। ड्रंकन मंकी हाइपोथेसिस क्या है, अब इसे भी समझ लीजिए। बर्कले की यूनिवर्सिटी आॅफ कैलिफोर्निया के बायोलॉजिस्ट रॉबर्ट डुडले 25 सालों से इंसानों में शराब की लत क्यों लगी, इस विषय पर रिसर्च कर रहे हैं। 2014 में उन्होंने इस विषय पर एक किताब लिखी। किताब में उन्होंने लिखा कि शराब के प्रति इंसानों का प्यार बंदरों और लंगूरों की देन है। इसे ड्रंकन मंकी हाइपोथेसिस कहा गया।