टीम एबीएन, रांची। को आईपीएच नामकुम में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग आयुष निदेशालय, राज्य योग केंद्र, रांची के तत्वावधान में किशोरों के लिए योग विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का उद्घाटन डॉ फजलुश समी, (निदेशक आयुष) ने किया। मौके पर डॉ नुजहत सुलताना-उपनिदेशक युनानी, डॉ मुकुल कुमार दीक्षित- प्र. पदा. राज्य योग केन्द्र रांची, डॉ सच्चिदानन्द सिंह- जिला आयुष चि. पदा. रांची, डॉ अमरेन्द्र कुमार पाठक- आर्यु. चि. पदा. नामकुम, राहुल कुमार नोडल पदा., डॉ विवेक माहेश्वरी एसो. प्रोफेसर लाकुलिस योग वि. वि. अहमदाबाद, डॉ कामता प्रसाद साहु- असि. प्रोफेसर देव संस्कृति वि.वि. हरिद्वार, डॉ अर्चना कुमारी योग प्रशिक्षिका राज्य योग केन्द्र रांची एवं अवनीश कुमार योग प्रशिक्षक रांची उपस्थित थे। सेमिनार के मुख्य वक्ता डॉ विवेक माहेश्वरी एसो. प्रोफेसर लाकुलिस योग वि. वि. अहमदाबाद, डॉ कामता प्रसाद साहु- असि. प्रोफेसर देव संस्कृति वि.वि. हरिद्वार थे।
डॉ कामता प्रसाद साहु ने अपने वक्तव्य में कहा कि भावनात्मक विक्षोभ का निवारण भावों की परिपक्वता से ही संभव है तथा वैचारिक विकृति ही तनाव का मुख्य कारण है जिसे सदविचारों द्वारा दुर किया जा सकता है। सेमिनार के दूसरे सत्र में अहमदाबाद के डॉ विवेक माहेश्वरी ने किशोरावस्था में होने वाली समस्याओं के निराकरण के लिए तीन सूत्र दिये-
1. जागृत अवस्था में आंखें बंद करने का अभ्यास।
2. श्वांस पर सजगता एवं शरीर की स्थिरता का अभ्यास।
3. अवचेतन मन का प्रशिक्षण।
सेमिनार के अंतिम सत्र में अमीत एवं ग्रुप, हेमा एवं ग्रुप, विकास एवं ग्रुप द्वारा योग के विभिन्न आसनों का संगीतमय प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर रांची, जमशेदपुर, हजारीबाग, बोकारो सहित विभिन्न जिलों से प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का समापन श्री राहुल कुमार नोडल पदा. ने धन्यवाद ज्ञापित कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन अवनीश कुमार ने किया।