मेदिनीनगर। पलामू जिले की एक नाबालिग बेटी को मध्यप्रदेश के छतरपुर में 70 हजार रुपये में बेच दिया गया। नाबालिग को खरीदने वाले व्यक्ति की लड़की से शादी के बाद देह व्यपार करवाने की योजना थी। इस मामले में रामगढ़ पुलिस ने लड़की को बेचने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार की है। गिरफ्तार आरोपियों में एक एमपी के छतरपुर का रहने वाला है। रामगढ़ थाना क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसकी नाबालिग बेटी का अपहरण कर लिया गया है। इस सूचना पर पुलिस ने ह्यूमन और टेक्निकल इंटेलिजेंस के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला चला कि नाबालिग को एमपी के छत्तरपुर के टेकरीपुर राकेश यादव नामक व्यक्ति को बेचा गया है। इसी सूचना के आलोक में एसडीपीओ के विजयशंकर और रामगढ़ थाना प्रभारी प्रभात रंजन राय के नेतृत्व में पुलिस ने एमपी के छतरपुर में स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी कर नाबालिग को मुक्त करवाया।और इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।पुलिस ने नाबालिग के अपहरण और बेचने के आरोप में राकेश यादव, उपेंद्र कुमार उर्फ गौतम,जितेंद्र पासवान को गिरफ्तार किया है। लड़की को एमपी के छतरपुर में बेचा गया। इस मामले में रामगढ़ थाना प्रभारी प्रभात रंजन राय ने बताया कि नाबालिग को गढ़वा जिला के ग्राम डंडई के रहने वाले रोहित उर्फ उपेंद्र काम दिलाने के बहाने छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज ले गया था। एक दिन बाद नाबालिग को तातापानी ले जाया गया और वंहा गढ़वा के रमकंडा निवासी जितेंद्र पासवान से मिलवाया। उसके बाद जितेंद्र पासवान ने नाबालिग को लेकर एमपी के छत्तरपुर में चला गया। छत्तरपुर में ही राकेश यादव के हाथ 70 हजार रुपये में बेच दिया गया। राकेश यादव नाबालिग से शादी के बाद देह व्यापार करवाने वाला था। तब तक रामगढ़ पुलिस ने एमपी की पुलिस के सहयोग से तीन लोगों को गिरफ्तार करते हुए नबालिग लड़की को भी बरामद कर लिया गया।