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रांची : असहाय नंदलाल को मिला अपना घर आश्रम में आश्रय

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रांची : असहाय नंदलाल को मिला अपना घर आश्रम में आश्रय
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मानवता की मिसाल, आश्रम में निराश्रितों की संख्या 48 हुई 

टीम एबीएन, रांची। मानवता, सेवा और करुणा की भावना को आत्मसात करते हुए परमहंस डॉ. संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के मार्गदर्शन एवं सान्निध्य में संचालित एमआरएस श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा असहाय एवं निराश्रित लोगों की सेवा निरंतर की जा रही है।

इसी सेवा अभियान के अंतर्गत सोमवार को बड़ा तालाब स्थित नागरमल सेवा सदन के समीप लावारिस अवस्था में भटक रहे एक असहाय व्यक्ति को रेस्क्यू कर सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम (सत्य-प्रेम सभागार), पुंदाग में आश्रय प्रदान किया गया। 

आश्रम के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि आश्रम की सेवा टीम को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अत्यंत अस्वच्छ अवस्था में असहाय होकर भटक रहा है। सूचना मिलते ही सेवा टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर आश्रम पहुंचाया। इस अभियान में सेवा साथी मुकुंद यादव, आशीष कुमार एवं सूरज प्रमाणिक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

आश्रम पहुंचने के बाद व्यक्ति की चिकित्सकीय जांच करायी गयी। पूछताछ के दौरान उसके नाम, पते एवं परिवार के संबंध में कोई जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। उसकी स्मरणशक्ति भी काफी कमजोर पायी गयी। ट्रस्ट ने उसकी देखभाल एवं पहचान के उद्देश्य से उसका नाम नंदलाल रखा है। 

प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि आश्रम में मंदबुद्धि, दिव्यांग, असहाय एवं निराश्रित लोगों की नि:शुल्क सेवा जनवरी 2024 से निरंतर की जा रही है। दो दिन पूर्व भी एक निराश्रित व्यक्ति को आश्रम में आश्रय दिया गया था। नंदलाल के आगमन के साथ ही आश्रम में रहने वाले निराश्रितों की संख्या बढ़कर 48 हो गई है। 

उन्होंने कहा कि गुरुजी सदानंद जी महाराज की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से आश्रम में निवासरत सभी प्रभुजनों को परिवार जैसा स्नेहपूर्ण वातावरण प्रदान किया जाता है। उनके भोजन, चिकित्सा, स्वच्छता, सुरक्षा एवं दैनिक आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाता है। आश्रम का उद्देश्य केवल आश्रय देना ही नहीं, बल्कि उपेक्षित एवं असहाय लोगों के जीवन में सम्मान, आत्मीयता और विश्वास का संचार करना है।

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