एबीएन न्यूज नेटवर्क, झरिया (धनबाद)। झरिया 25 अक्टूबर श्री सत्यनारायण मंदिर स्टेशन रोड झरिया में आज शरद पूर्णिमा को ध्यान में रख कर चंद्रमा के प्रति श्लोक
दधी शंखम तुषारंभम क्षीरो दारुण संभवम।
नमामि शशिनम सोमम शंभु मुकुट भूषणम।।
अर्थात जो दही शंख और बर्फ की तरह धवल यानि सफेद रंग के है और समुद्र मंथन से निकले हैं वैसे चंद्रमा को हम नमस्कार करते हैं जो शंकर भगवान के मस्तक पर मुकुट के रूप में विराजमान है। इस अवसर पर शरद पूर्णिमा के महत्व को समझाया गया। आज के दिन रात्रि में 12 बजे चंद्र की सीधी किरण के नीचे जब खीर रखी जाती है तो उसमें अमृत की वर्षा होती है।
इस खीर को खाने से श्वास दमा की बीमारी में आराम होता है। अनेक स्थानों पर दूध में चूड़ा और मिश्री को मिला कर चंद्रमा की किरण उस पर पड़े वैसे रख कर सेवन किया जाता है। आज के दिन चंद्रमा की रोशनी में लोग सुई में धागा पिरोने की प्रतियोगिता रखते है जिससे आंखों की रोशनी बढ़ती है।
कई स्थानों पर एक पात्र में रुई बिछा कर उस पर ढेला मिश्री रख कर रात में चंद्रमा की रोशनी के नीचे रखा जाता है और दूसरे दिन उसे एक कांच की बोतल या बर्तन में भर कर रख दिया जाता है और यदि किसी को बुखार इत्यादि आता है तो इस मिश्री को चूसने से बुखार स्वत: उतर जाता है। इत्यादि बताया गया।
इसके अलावा संस्कृत में अंताक्षरी पहाड़ा संस्कृत संभाषण वार्तालाप गीत इत्यादि का अभ्यास कराया गया। संस्कृत में प्रशिक्षण देने का कार्य हरीश कुमार जोशी अधिवक्ता ने किया एवं प्रसाद वितरण होमेश जोशी द्वारा किया गया। वैद्य सुखलाल ने पर्यावरण संबंधी जानकारी दी एवं भागा में बीज और औषधियुक्त पौधे लगाने वाले छात्रों को सम्मानित करने हेतु आमंत्रित किया।
इस अवसर पर चेल्सी गोयल, इशिका कुमारी, त्रिशा कुमारी, अनाया तिवारी, आराध्या वर्मा, दिव्या कुमारी, कुमकुम कुमारी, सुहानी कुमारी, दीपिका कुमारी, अनन्या कुमारी, पूर्वी कुमारी, शिवांश, अनमोल कुमार, सूरज ठक्कर, सुमित कुमार, सत्या गुप्ता, श्लोक कुमार, लवयांश कुमार, आर्यन कुमार, केशव कुमार, इशांत सिंह, अनय, आनंद तिवारी, दिव्यांश कुमार, अर्णव कुमार, देवम कुमार, युगवीर साव, अनिरुद्ध शौर्या, विष्णु कुमार, महेश पांडेय इत्यादि उपस्थित थे।