- छप्पन सेट में भव्य कलश शोभायात्रा के साथ शारदीय नवरात्र शुरू, माँ दुर्गा के जयकारों से गूंजा डोरंडा
- बटन तालाब से पवित्र जल लेकर लौटीं महिलाएँ, छप्पन सेट दुर्गा मंडप में विधि-विधान से हुई कलश स्थापना
- धार्मिक आस्था, सनातन परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है कलश शोभायात्रा : आलोक कुमार दूबे
- छप्पन सेट सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति ने निकाली भव्य कलश यात्रा, माँ शैलपुत्री की आराधना के साथ नवरात्र शुरू
- भक्ति, उल्लास और जयकारों के बीच छप्पन सेट में कलश स्थापना, सुख-शांति और समृद्धि की कामना
- छप्पन सेट में भव्य कलश शोभायात्रा के साथ शारदीय नवरात्र शुरू, माँ दुर्गा के जयकारों से गूंजा डोरंडा
- बटन तालाब से पवित्र जल लेकर लौटीं महिलाएँ, विधि-विधान से हुई कलश स्थापना; सुख-शांति और समृद्धि की कामना
टीम एबीएन, रांची। हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति, छप्पन सेट, डोरंडा की ओर से कलश स्थापना के पावन अवसर पर रविवार को भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। छप्पन सेट स्थित दुर्गा मंडप से निकली शोभायात्रा गोरखा चौक, अंबेडकर चौक और विवेकानंद चौक होते हुए बटन तालाब पहुँची। वहाँ महिलाओं ने विधि-विधान से पवित्र जल भरा और कलश को अपने माथे पर धारण कर भजन-कीर्तन, जयकारों और भक्तिमय उत्साह के बीच वापस प्रस्थान किया।
शोभायात्रा राजेंद्र चौक और गोरखा चौक होते हुए पुनः छप्पन सेट स्थित दुर्गा मंडप पहुँची, जहाँ विधि-विधान के साथ कलश स्थापित किया गया। इसके साथ ही माँ दुर्गा का आह्वान करते हुए पूजा-अर्चना प्रारंभ हुई। पूरे मार्ग में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।
इस अवसर पर समिति के मुख्य संरक्षक एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने कहा कि कलश स्थापना के पावन अवसर पर पवित्र जल लेकर निकाली जाने वाली शोभायात्रा धार्मिक आस्था, सनातन परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। कलश में पवित्र जल स्थापित कर माँ दुर्गा का आह्वान किया जाता है तथा उनसे सुख, शांति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की जाती है।
उन्होंने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे, सेवा और सद्भाव में भी उसका वास्तविक स्वरूप दिखाई देता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए माँ दुर्गा से प्रार्थना की कि वे सभी के जीवन से दुःख, संकट और निराशा दूर करें तथा झारखंड सहित पूरे देश में सुख-समृद्धि और सामाजिक सद्भाव बनाए रखें। श्री दूबे ने कहा कि माँ दुर्गा की आराधना के साथ जलस्रोतों की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प भी लेना चाहिए।
समिति के संरक्षक कपिलदेव सिंह ने कहा कि कलश स्थापना हमारी प्राचीन धार्मिक परंपरा, श्रद्धा और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण अंग है। कलश शोभायात्रा के माध्यम से समाज के लोग एक साथ जुड़ते हैं और सामूहिक रूप से माँ दुर्गा की आराधना करते हैं। ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने के साथ-साथ आपसी सहयोग, सद्भाव और एकता की भावना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से नवरात्र के दौरान श्रद्धा, अनुशासन और उत्साह के साथ पूजा में भाग लेने तथा समाज में प्रेम और भाईचारा बनाए रखने की अपील की।
समिति के अध्यक्ष गौतम दूबे (गोपी) ने कहा कि कलश देवी-शक्ति के आह्वान और मंगलमय शुरुआत का प्रतीक है। नवरात्र में कलश स्थापना के साथ माँ दुर्गा की आराधना प्रारंभ होती है। श्रद्धालुओं का एक साथ भजन-कीर्तन, जयकारों और पूजा-अर्चना के साथ पवित्र जल लाना धार्मिक उत्साह, सामूहिक सहभागिता और सामाजिक एकता को दर्शाता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को नवरात्र की शुभकामनाएँ देते हुए आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
समिति के मीडिया प्रभारी मेहुल दूबे ने बताया कि नवरात्र के प्रथम दिन माँ दुर्गा के प्रथम स्वरूप माँ शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जा रही है। पूजा मंडप में प्रतिदिन सुबह और शाम आरती होगी। पंडित उदय शंकर मिश्रा के मार्गदर्शन में यजमान मनीष कुमार दूबे श्रद्धालुओं की ओर से विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराएँगे। उन्होंने श्रद्धालुओं से नियमित रूप से पूजा और आरती में शामिल होने की अपील की।
कलश शोभायात्रा एवं कलश स्थापना के अवसर पर समिति के मुख्य संरक्षक आलोक कुमार दूबे, संरक्षक कपिलदेव सिंह, अध्यक्ष गौतम दूबे (गोपी), शोभा सिंह, रितेश सिंह, मनोज सिंह, शशिकांत, महेंद्र प्रसाद, मेहुल दूबे, गोपाल तिवारी, दिलीप पांडे, कमलेश झा, शीला देवी, कुसुम देवी, सर्वेश कुमार, रंजू पांडे, गुड़िया सिंह, प्रियंका देवी, रूबी सिंह, मोना कुमारी, दीपा कुमारी, पूजा कुमारी, अश्विनी कुमार, विजय गुप्ता, दीपक ठाकुर, रोहित कुमार और अमोल कुमार सहित समिति के अनेक सदस्य एवं श्रद्धालु उपस्थित थे।
कलश शोभायात्रा में डोरंडा क्षेत्र के विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और धार्मिक उत्साह के साथ अपनी सहभागिता निभाई। इस अवसर पर निर्णय लिया गया कि रांची महानगर दुर्गा पूजा समिति के नेतृत्व में डोरंडा क्षेत्र के सभी पूजा पंडाल आपसी समन्वय के साथ पूजा का संचालन करेंगे तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करेंगे।