ऐसा संघर्ष कि रोम रोम रो पड़े...
एबीएन सोशल डेस्क। ये खबर भी आज सुर्खियों में है। तस्वीर में साड़ी पहनकर दौड़ती हुई महिला का नाम कविता देवी है। रामगढ़ के दुलमी की रहने वाली है। पति गुजरात में मजदूरी करते थे उनका निधन हो गया उसके बाद इसके कंधों पर बहुत बड़ा बोझ आ गया। ईट भट्ठे में मजदूरी कर अपने दो बच्चे और सास ससुर को किसी तरह पाल पोस रही है।
सोचिए..आज के दौर में जहां जिम जाने का अलग कपड़ा, रात में सोने का नाइट सूट होता है लोगों के पास, वहीं ये बेचारी अपने भविष्य को किसी तरह सवारने के लिए कड़ी धूप में साड़ी में ही होमगार्ड बहाली का ट्रायल दे रही है और वो भी रेतीली जमीन पर खाली पैर। इस समाचार ने अंदर तक झकझोर दिया।
जो भी हो इस बहन की हिम्मत और जज्बे की दाद देनी पड़ेगी कि इतनी कठिन परिस्थितियों में भी इनका हौसला बुलंद है। इस जुझारू मां ने 10 मिनट के दौड़ को 6 मिनट में ही पूरा कर खुद को साबित कर दिया है। भगवान से प्रार्थना है कि इस बहन की बहाली हो जाए।