- लावारिस मिले असहाय को मिला अपना घर आश्रम का सहारा
- चांदनी चौक से रेस्क्यू कर कराया गया उपचार, आश्रम में निराश्रितों की संख्या 46 हुई
एबीएन सोशल डेस्क। परमहंस डॉ संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के मार्गदर्शन एवं सान्निध्य में संचालित एमआरएस श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट, रांची के अंतर्गत श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम, पुंदाग में मंदबुद्धि, दिव्यांग, असहाय एवं निराश्रित लोगों की नि:शुल्क सेवा जनवरी 2024 से निरंतर की जा रही है।
इसी सेवा अभियान के क्रम में सोमवार को एक असहाय व्यक्ति को रेस्क्यू कर सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम (सत्य-प्रेम सभागार) में आश्रय दिया गया। आश्रम के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि आश्रम की सेवा टीम को सूचना मिली कि कांके रोड स्थित चांदनी चौक के समीप एक असहाय व्यक्ति लावारिस अवस्था में भटक रहा है। वह अत्यंत अस्वच्छ अवस्था में था तथा अपने संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी देने की स्थिति में नहीं था।
सूचना मिलते ही आश्रम की टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर आश्रम पहुंचाया।रेस्क्यू अभियान में आश्रम के सेवा साथी मुकुंद यादव, सत्यम कुमार एवं सूरज प्रमाणिक शामिल रहे। आश्रम लाने के बाद व्यक्ति की अस्पताल में चिकित्सकीय जांच करायी गयी। पूछताछ के दौरान उसके नाम, पते एवं परिवार के संबंध में कोई जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी।
उसकी स्मरणशक्ति भी काफी कमजोर पाई गई। आश्रम समिति ने उसकी देखभाल एवं पहचान के लिए उसका नाम बृज किशोर रखा है।आश्रम के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि आश्रम की टीम को सूचना मिलने पर समय-समय पर विभिन्न स्थानों से असहाय एवं निराश्रित लोगों को रेस्क्यू कर आश्रम में लाया जाता है।
पिछले एक सप्ताह में ही तीन निराश्रितों को अलग-अलग स्थानों से लाकर आश्रम में आश्रय दिया गया है। इस नये व्यक्ति के आने के साथ आश्रम में रहने वाले निराश्रितों की संख्या बढ़कर 46 हो गयी है। उन्होंने कहा कि गुरुजी सदानंद जी महाराज के सहयोग एवं प्रेरणा से आश्रम में रहने वाले सभी निराश्रितों को परिवार जैसा वातावरण देने का प्रयास किया जाता है।
उनके भोजन, चिकित्सा, स्वच्छता, सुरक्षा एवं दैनिक आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाता है। मानव सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं है। समाज के लोगों से भी अपील की गयी कि कहीं कोई असहाय अथवा निराश्रित व्यक्ति दिखाई दे तो इसकी सूचना आश्रम को दें, ताकि उसे समय पर सुरक्षित आश्रय और आवश्यक सेवा उपलब्ध करायी जा सके।