- रांची : सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में करीब 80 लोगों की स्वास्थ्य जांच
- सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में स्वास्थ्य जांच शिविर, करीब 80 लोगों की हुई स्वास्थ्य जांच
टीम एबीएन, रांची। रांची के पुंदाग स्थित श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम में एम.आर.एस. श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित एवं संस्थापक डॉ. संत शिरोमणि स्वामी सदानंद महाराज जी के पावन सानिध्य में सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में ए.आर. हेल्थ केयर के सहयोग से एकदिवसीय नि:शुल्क स्वास्थ्य चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य आश्रम में रह रहे दिव्यांग, निराश्रित एवं जरूरतमंद प्रभुजनों तथा सेवा कर्मियों के स्वास्थ्य की नियमित देखभाल सुनिश्चित करना रहा।
स्वास्थ्य शिविर के दौरान करीब 80 लोगों की विभिन्न स्वास्थ्य जांच की गयी। इसमें शुगर, रक्तचाप, वजन, कोलेस्ट्रॉल, थायराइड एवं हीमोग्लोबिन सहित कई आवश्यक स्वास्थ्य जांच शामिल थीं। चिकित्सकों ने जांच के बाद मरीजों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आवश्यक दवा तथा चिकित्सकीय परामर्श दिया तथा खान-पान, नियमित दिनचर्या, स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
शिविर में डॉ. सुरेंद्र प्रसाद ने मरीजों की जांच कर उन्हें उचित चिकित्सकीय मार्गदर्शन प्रदान किया। जांच कार्य में रविंद्र कुमार, अरुण कुमार एवं विकास पासवान का सराहनीय सहयोग रहा। ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि आश्रम में रहने वाले निराश्रित प्रभुजनों के स्वास्थ्य को लेकर ट्रस्ट विशेष रूप से सजग है।
इसी उद्देश्य से प्रत्येक माह नियमित रूप से उनके स्वास्थ्य की जांच कराई जाती है, ताकि किसी भी स्वास्थ्य समस्या का समय रहते पता लगाकर आवश्यक उपचार एवं चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध करायी जा सके। उन्होंने कहा कि सेवा केवल भोजन और आश्रय उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवन प्रदान करना भी सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, पुजारी अरविंद पांडे, सुरेश अग्रवाल, शिव भगवान अग्रवाल, पूरणमल सर्राफ, नंदकिशोर चौधरी, मधुसूदन जाजोदिया, अरविंद अग्रवाल, संजय सर्राफ, विशाल जालान एवं ज्ञान प्रकाश शर्मा सहित ट्रस्ट के अनेक सदस्यों का उल्लेखनीय योगदान रहा। ट्रस्ट की इस पहल को निराश्रित एवं दिव्यांग प्रभुजनों के प्रति मानवीय संवेदना और समर्पित सेवा का अनुकरणीय उदाहरण बताया गया।