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सजल श्रद्धा गुरुमाता भगवती देवी का जन्म शताब्दी दिवस साधकों ने श्रद्धा व उत्साहपूर्वक मनाया

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सजल श्रद्धा गुरुमाता भगवती देवी का जन्म शताब्दी दिवस साधकों ने श्रद्धा व उत्साहपूर्वक मनाया
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  • सजल श्रद्धा गुरुमाता भगवती देवी का जन्म शताब्दी दिवस साधकों ने श्रद्धा व उत्साहपूर्वक मनाया
  • सद्गुरु की कृपा से ही शिष्य को तत्व बोध की प्राप्ति होती है : आजादी सिंह

एबीएन सोशल डेस्क (रांची)। अखिल विश्व गायत्री परिवार शान्तिकुञ्ज युग महर्षि वेदमूर्ति-तपोनिष्ठ गुरुदेवश्री पं श्रीराम शर्मा आचार्य जी की धर्मपत्नी सजल श्रद्धा, जगत जननी स्वरूपा गुरुमाता भगवती देवी का आज आश्विन कृष्ण पक्ष चतुर्थी को श्रद्धापूर्वक जन्म शताब्दी दिवस 5 कुण्डीय महायज्ञ व दीपयज्ञ विधान सहित सेक्टर टू शक्तिपीठ में मनाया गया। 

इसके अतिरिक्त धूर्वा बस स्टैंड प्रज्ञापीठ, अलकापुरी शक्तिपीठ, टाटीसिल्वे, बुण्डु तमाड़, खलारी, डकरा, नवाडीह व बेड़ो चरणपीठ तथा प्रज्ञामंडलो में एवं गृहे गृहे परिसरों में गायत्री परिवार के साधक भाई-बहनों ने माताजी के स्थापित मूर्ति व तस्वीर पर श्रद्धा-सुमन  पुष्पांजलि अर्पित कर विशेष पूजा-पाठ,गायत्री महामंत्र का विशेष जप और यज्ञीय अनुष्ठान किया गया। सेक्टर टू पीठ पर गुरुमाताजी के जीवन वृतांत पर प्रकाश डालते हुए सहायक जोन समन्वयक आजादी सिंहजी ने शान्तिकुञ्ज से आकर वहां का विशेष संदेश सुनाया। 

पूरे झारखंड तथा उपजोन रांची के सभी जिलों में समन्वय समितिगठन को, मंडलों व पंचायतों को मजबूत, सशक्त बनाने, इस वर्ष नई दिल्ली, शान्तिकुञ्ज सहित पूरे भारत में मनाए व चलाए जाने वाले जन्म शताब्दी की शान्तिकुञ्ज के अनुयाज कार्यक्रम पर चर्चा की। इस अवसर पर सिंहजी  ने कहा कि सद्गुरु की कृपा से ही शिष्य को तत्व बोध की प्राप्ति होती है।सद्गुरु की कृपा अपरंपार होती है। 

बताया कि उन्होंने ही अपने जीवन काल मे  नारी जागरण, युग परिवर्तन के अनेक सूत्रीय आन्दोलन और उज्जवल भविष्य की मंगलमय घोषणा की थी। सबके स्वस्थ जीवन, समाज कल्याण, विश्व कल्याण की मंगल कामनाएँ करते व धन्यवाद देते हुए जिला समन्वयक जेएनपी ने बताया कि *वन्दनीया माता जी की चेतना-सत्ता व जीवन वृत्तान्त की महिमा व महत्ता अवर्णनीय है।

कहा कि माताजी ने करोड़ों साधक-शिष्यों को सन्मार्ग पर चलाया और विश्व मंगल हेतु जो महानतम पुरुषार्थ किया वो युगों युगों तक स्मरणीय रहेगा। उनके जीवन वृतांत पर इस वर्ष की सितम्बर माह युग निर्माण पत्रिका के विशिष्ट प्रकाशन पर भी चर्चा की।इस कार्यक्रम के पूर्व संध्या पर हर एक इकाई में अखंड जप-अनुष्ठान किया गया। 

कई शाखाओं में शाम में आज दीपयज्ञीय कार्यक्रम भी  किया गया। साथ ही प्रज्ञा गीत के माध्यम से उद्गार भाव प्रकट किया। आज आनलाइन गायत्री-परिवार अंतर्राष्ट्रीय राष्ट्रीय स्तर पर सामूहिक  अखंड जप-अनुष्ठान  व यज्ञीय अनुष्ठान भी किए गए। उक्त जानकारी गायत्री परिवार, रांची शक्तिपीठ सेक्टर टू के जय नारायण प्रसाद और प्रमोद कुमार ने दी। 

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