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कालिया नाग दमन से दिव्य महारास तक गूंजा राधा-कृष्ण का जयघोष

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कालिया नाग दमन से दिव्य महारास तक गूंजा राधा-कृष्ण का जयघोष
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भारी बारिश के बावजूद श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब 

साध्वी गोपिका जी ने सुनाये गोवर्धन लीला एवं मथुरा गमन के प्रसंग 

एबीएन सोशल डेस्क। डॉ संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के पावन सान्निध्य में एम.आर.एस. श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा पुंदाग स्थित श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर में श्री राधाष्टमी महोत्सव के अवसर पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के षष्ठम दिवस कथा का वातावरण अत्यंत भक्तिमय रहा। 

वृंदावन की सुप्रसिद्ध कथा वाचिका साध्वी गोपिका जी ने भगवान श्रीकृष्ण की कालिया नाग दमन, गोवर्धन लीला, दिव्य महारास एवं मथुरा गमन की कथा का भावपूर्ण एवं विस्तृत वर्णन किया। कथा का प्रारंभ श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से हुआ। साध्वी गोपिका जी ने बताया कि कालिया नाग के विष से यमुना का जल दूषित हो गया था। भगवान श्रीकृष्ण ने यमुना में प्रवेश कर कालिया नाग का दमन किया और उसे अहंकार एवं दुष्टता का त्याग कर यमुना से दूर जाने का संदेश दिया। यह प्रसंग धर्म की अधर्म पर विजय और प्रकृति की शुद्धता का प्रतीक है। 

इसके बाद गोवर्धन लीला का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को प्रकृति एवं गोवर्धन पर्वत के प्रति कृतज्ञता का भाव रखने की प्रेरणा दी और इंद्र के प्रकोप से ब्रजवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठिका अंगुली पर धारण किया। दिव्य महारास प्रसंग के माध्यम से उन्होंने भक्ति में प्रेम, समर्पण और आत्मिक एकत्व का संदेश दिया। इसके पश्चात श्रीकृष्ण के मथुरा गमन तथा कंस के अत्याचार से मुक्ति की भूमिका का भावपूर्ण वर्णन किया गया। 

कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा रानी से संबंधित सजीव झांकियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। साध्वी गोपिका जी ने अपने सुमधुर भजनों से वातावरण को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे। श्री राधा रानी श्यामा जी का जड़ित आभूषणों से आकर्षक एवं मनोहारी श्रृंगार किया गया था।

कथा के समापन पर सामूहिक आरती की गई तथा श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण हुआ। भारी वर्षा के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए उपस्थित रहे। ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि कथा के सप्तम एवं अंतिम दिवस श्री रुक्मिणी विवाह, कंस उद्धार, श्रीकृष्ण-सुदामा मित्रता तथा श्रीमद्भागवत कथा की पूर्णाहुति होगी।

 मौके पर डूंगरमल अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, विजय अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, नंदकिशोर चौधरी, अंजनी अग्रवाल, सुरेश भगत, संजय सर्राफ, पवन पोद्दार, शिव भगवान अग्रवाल, निर्मल छावनिका, ज्ञान प्रकाश शर्मा, विष्णु सोनी, मनीष सोनी, विशाल जालान, मधुसूदन जाजोदिया, विद्या देवी अग्रवाल, बिमला जालान, सुनीता अग्रवाल, संतोष देवी अग्रवाल, उर्मिला पाड़िया, दीक्षा अग्रवाल, शकुंतला केजरीवाल, सरिता अग्रवाल, सुमन चौधरी, रमा देवी डोकानिया, आशा मुंजाल, अमिता जालान, दीपिका मोतिका, नीलम गोयल, नंदरानी पाठक, आशा सिंह उषा मोदी, ललिता पोद्दार, किरण पोद्दार, शोभा अग्रवाल, इंदू पोद्दार, लाल देवी, किरण बरनवाल, नंद रानी पाठक, सुनीता देवी,सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं महिलाएं उपस्थित थीं।

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