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सुखदेव जन्म प्रसंग सुनकर भावविभोर हुए श्रद्धालु

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सुखदेव जन्म प्रसंग सुनकर भावविभोर हुए श्रद्धालु
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  • भजनों से भक्तिमय हुआ श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर, महिला समिति ने आश्रम में निराश्रितों को कराया भोजन 
  • मनुष्य को परमात्मा की भक्ति और सत्य के मार्ग को अपनाना चाहिए : गोपिका 

टीम एबीएन, रांची। डॉ संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के पावन सानिध्य में एम.आर.एस. श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा पुंदाग स्थित श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर में श्री राधाष्टमी महोत्सव के अवसर पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिवस श्रद्धा एवं भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। 

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया। वृंदावन की सुप्रसिद्ध कथा वाचिका साध्वी गोपिका जी ने व्यास पीठ से मंगलाचरण के माध्यम से कथा का शुभारंभ करते हुए श्रीमद्भागवत के सार तथा व्यास श्री सुखदेव जी के जन्म प्रसंग की विस्तृत एवं भावपूर्ण कथा प्रस्तुत की। 

उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, धर्म, भक्ति, सदाचार और आत्मज्ञान की दिशा प्रदान करने वाला दिव्य ग्रंथ है। इसके श्रवण से मनुष्य के भीतर भक्ति, विवेक और वैराग्य का भाव जागृत होता है। साध्वी गोपिका जी ने सुखदेव जी के जन्म प्रसंग के माध्यम से बताया कि संसार में रहते हुए भी मनुष्य को मोह-माया से ऊपर उठकर परमात्मा की भक्ति और सत्य के मार्ग को अपनाना चाहिए। 

सुखदेव जी जन्म से ही ब्रह्मज्ञानी एवं वैराग्य भाव से संपन्न थे। उनके जीवन का प्रसंग यह संदेश देता है कि वास्तविक ज्ञान वही है, जो मनुष्य को अहंकार, मोह और सांसारिक बंधनों से मुक्त कर परमात्मा के चरणों की ओर ले जाए। कथा के मध्य साध्वी गोपिका जी ने श्री राधा रानी एवं श्रीकृष्ण के सुमधुर भजनों की प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भजनों के दौरान पूरा मंदिर परिसर राधे-राधे और श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा। 

श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर झूमते नजर आये। इस अवसर पर श्री राधा रानी श्यामा जी का आभूषणों से अलौकिक एवं मनोहारी श्रृंगार किया गया। दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा। कथा के समापन पर सामूहिक आरती की गयी तथा श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। श्रीमद् भागवत कथा के अवसर पर श्री कृष्ण प्रणामी महिला समिति द्वारा सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में रह रहे निराश्रित प्रभु जनों को भोजन कराया गया। 

ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि तृतीय दिवस की कथा में ध्रुव चरित्र,जड़ भारत, भारत वर्ष की महिमा, अजामिल कथा प्रसंग पर प्रस्तुति होगी।  कथा प्रतिदिन अपराह्न 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक आयोजित हो रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा में शामिल होकर श्रीमद्भागवत के आध्यात्मिक संदेश का लाभ लेने का आग्रह किया। 

इस अवसर पर डूंगरमल अग्रवाल, विजय अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल जालान, पूरणमल सर्राफ, सुरेश अग्रवाल, मधुसूदन जाजोदिया, नंदकिशोर चौधरी, अरविंद अग्रवाल, शिव भगवान अग्रवाल, अंजनी अग्रवाल, विशाल जालान, पुजारी अरविंद पांडेय, मनीष सोनी, विष्णु सोनी,पवन अग्रवाल, सुरेश भगत, ज्ञान प्रकाश शर्मा, पवन पोद्दार, संजय सर्राफ, विद्या देवी अग्रवाल, उर्मिला पाड़िया, सुनीता अग्रवाल, संतोष देवी अग्रवाल, शीला मुरारका, शकुंतला केजरीवाल, सरिता अग्रवाल, सुमन चौधरी आशा मुंजाल, रामादेवी डोकानिया, अमिता जालान, दीपिका मोतीका, नीलम गोयल, नंद रानी पाठक, आशा सिंह, उषा देवी, ललिता पोद्दार, किरण पोद्दार, ललिता अग्रवाल, भगवती देवी, लाल देवी, सुनीता देवी, आशा मिश्रा, किरण बरनवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं एवं पुरुष उपस्थित रहे।

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