- राधाष्टमी महोत्सव पर श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का हुआ भव्य शुभारंभ, भजनों पर झूमे श्रद्धालु
- राधा भक्ति, प्रेम, समर्पण और करुणा की दिव्य स्वरूप: साध्वी गोपिका
एबीएन सेंट्रल डेस्क। डॉ. संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के पावन सानिध्य में एम.आर.एस. श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा पुंदाग स्थित श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर में श्री राधाष्टमी महोत्सव के पावन अवसर पर सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ।
20 सितंबर से 26 सितंबर तक आयोजित होने वाली कथा प्रतिदिन अपराह्न 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगी। श्री राधाष्टमी के अवसर पर मंदिर में श्री राधा रानी का विशेष एवं मनोहारी श्रृंगार किया गया। वृंदावन से मंगाए गए आकर्षक एवं सुंदर आभूषणों से श्री राधा रानी को सजाया गया। दिव्य श्रृंगार के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा तथा श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं भक्ति के साथ श्री राधा-कृष्ण के दर्शन किए।प्रथम दिवस वृंदावन से पधारीं सुप्रसिद्ध कथावाचिका साध्वी गोपिका जी ने श्रीमद्भागवत महापुराण के महात्म्य तथा श्री राधा रानी के स्वरूप, महिमा एवं श्री राधाष्टमी के आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से भावपूर्ण कथा प्रस्तुत की।
उन्होंने कहा कि श्री राधा भक्ति, प्रेम, समर्पण और करुणा की दिव्य स्वरूप हैं। श्री राधा-कृष्ण की आराधना मनुष्य के जीवन में प्रेम, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संचार करती है। कथा के दौरान साध्वी गोपिका जी ने भक्ति एवं आध्यात्मिक संदेशों के माध्यम से श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों से जोड़ा।
कथा स्थल पर वातावरण उस समय और भी भक्तिमय हो गया, जब श्री राधा-कृष्ण के भजनों की मधुर धुन गूंज उठी। मेरे राधा रानी, मेरे कृष्ण मुरारी सहित अन्य भक्तिमय भजनों तथा रचा है सृष्टि जिस प्रभु ने, वही सृष्टि चला रहे हैं जैसे भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते और नृत्य करते नजर आए।
कथा के उपरांत ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने साध्वी गोपिका जी को अंगवस्त्र ओढ़ाकर अभिनंदन एवं सम्मान किया। इसके बाद सामूहिक आरती की गई और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण हुआ। कथा में बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया।
ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिवस मंगलाचरण एवं सुखदेव जन्म प्रसंग की कथा सुनाई जाएगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रतिदिन कथा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर डूंगरमल अग्रवाल, विजय अग्रवाल, निर्मल छावनिका, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, पूरणमल सर्राफ, सुरेश अग्रवाल, मधुसूदन जाजोदिया, शिव भगवान अग्रवाल, नंदकिशोर चौधरी, संजय सर्राफ,अरविंद अग्रवाल, विशाल जालान, पुजारी अरविंद पांडेय, मनीष सोनी, विष्णु सोनी, ज्ञान प्रकाश शर्मा, पवन पोद्दार, विद्या देवी अग्रवाल, उर्मिला पाड़िया, सुनीता अग्रवाल, सरिता अग्रवाल, सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।