श्री साधुमार्गी जैन संघ रांची द्वारा पर्यूषण महापर्व के छठे दिन का गरिमामय आयोजन
टीम एबीएन, रांची। श्री साधुमार्गी जैन संघ रांची के तत्वावधान में पर्यूषण महापर्व का छठा दिन पूरी श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत समता शाखा की सामूहिक आराधना से हुई, जिसमें नवकार मंत्र, चार शरण, श्री सिद्ध स्तुति, आचार्य श्री नानेश की चिंतन मणियां, बारह भावना, श्री राम गुरु चालीसा और संघ समर्पणा गीत का सामूहिक गान किया गया।
धर्म और संस्कार पर विशेष संदेश कार्यक्रम के दौरान स्वाध्यायी श्रीमती ज्योति जी ओस्तवाल ने अंतगढ़ सूत्र का वाचन करते हुए अर्जुन माली और सुदर्शन श्रावक के जीवन चरित्र को भगवान महावीर के संदर्भ में प्रस्तुत किया। उन्होंने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों को ज्ञानशालाओं में भेजकर धर्म का ज्ञान अवश्य दिलायें, क्योंकि संस्कार ही सबसे बड़ी पूंजी है।
गर्भकाल से ही बच्चों में संस्कारों का बीजारोपण होना चाहिए, जैसा कि अभिमन्यु ने गर्भ में ही चक्रव्यूह भेदने का ज्ञान प्राप्त किया था। आज के समय में हमारे पास हर सुविधा है, परंतु बुजुर्गों के पास बैठने और बच्चों को संस्कार देने का समय कम पड़ रहा है। समय का सदुपयोग करने की प्रेरणा देते हुए वक्ता ने कहा कि जिस प्रकार लक्ष्मण जी ने सीता माता की रक्षा के लिए लक्ष्मण रेखा खींची थी, वैसे ही हमें भी जीवन में अनुशासन की लक्ष्मण रेखा खींचनी चाहिए, जिससे सही और गलत की पहचान बनी रहे।
लैम्प और उसके कांच का उदाहरण देते हुए अनुशासन के महत्व को समझाया गया। पर्युषण पर्व के इस अवसर पर जैन समाज के कई श्रावक-श्राविकाएं तपस्या में लीन हैं। विशाल दासानी और पायल कोठारी की तपस्या निरंतर गतिमान है, तथा कई अन्य श्रद्धालु तेले और बेले की उपासना कर रहे हैं।
16 सितंबर को रक्तदान शिविर लगाया जायेगा
तेरापंथ युवक परिषद के द्वारा दिगंबर जैन भवन में 16 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 4 बजे तक एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जायेगा। जिसमें अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया गया। आज के इस धार्मिक अनुष्ठान में राजेश पिंचा, राजेश बछावत, भास्कर पिंचा, हुक्मी चंद चौरड़िया, अमर चंद बेंगाणी, उत्तम बोहरा, पुष्पा सुराना, केसर देवी पिंचा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे। उक्त जानकारी उत्तम जैन ने दी।