टीम एबीएन, रांची। आज पर्युषण पर्व के पांचवे दिन पूजा, प्रवचन, धर्म आराधना एवं भक्ति हुई! मंदिर मे मुंबई से पधारे साधर्मी बंधु श्री धैर्य पियूष भाई एवं तीर्थ धर्मवीर शाह जी के द्वारा धर्म आराधना करवायी जा रही है, जिसमे भक्तगण काफी उत्सुकता पूर्वक लाभ लें रहे हैं।
पर्युषण पर्व के आज पांचवें दिवस में डोरंडा जैन मंदिर के प्रांगण में स्नात्र पूजा बहुत ही आनंद के साथ संपन्न हुई, ततपश्चात कल्प सूत्र का वांचन किया गया। जिसमें भगवान महावीर के जन्म का वांचन किया गया। उनके जन्म के समय उनकी त्रिशला माता ने चौदह स्वपन देखे थे, जिसका विस्तार पूर्वक विवेचन किया गया।
बताया गया कि देवो ने बताया था कि तुम्हारा पुत्र सूर्य की तरह तेजस्वी और चंद्रमा के समान शांत पुत्र होगा, सभी सपनो के बारे में विवेचन किया गया। जैन मंदिर के प्रांगण में चौदह सपनों का चढ़ावा हुआ, पालनाजी का भी चढ़ावा हुआ, आज के कार्यक्रम मे काफी संख्या मे समाज के सदस्य उपस्थित हुए।
सुरेश जी बोथरा के आज 6 उपवास की तपस्या साता पूर्वक चल रही है। आज के कार्यक्रम में उपस्थित लोगों में संपतलाल रामपुरिया, अनिल कोठारी, प्रकाश पारख, प्रमोद बोथरा, संजय नाहटा, प्रेमलता नाहटा, कुसुम पारख, उषा सेठिया, आदि उपस्थित थे। उक्त जानकारी प्रमोद बोथरा ने दी।