आज चौथे दिन उपासना दिवस पर आत्मदर्शन
शुद्ध भावना और कर्मों की निर्जरा का संदेश
टीम एबीएन, रांची। दिगम्बर जैन भवन मे पर्यूषण महापर्व के अवसर पर नित्य धर्म आराधना जारी है छत्तीसगढ़ से पधारें साधर्मी स्वाध्यायी पुष्पा जी ओस्तवाल एवं ज्योति जी ओस्तवाल के द्वारा प्रतिदिन धर्म लाभ दिया जा रहा हैं।
इसी क्रम मे पुष्पा जी ओस्तवाल ने आज "उपासना दिवस" के अवसर पर धर्म, आत्मसाधना, शुद्ध भावना एवं कर्मों की निर्जरा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जैसी हमारी भावना होती है, वैसी ही हमारी अवस्था बनती है और वैसा ही हमारा अगला भाव निर्धारित होता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने मन में दूसरों के प्रति सद्भाव, मैत्री और शुद्ध भावना रखनी चाहिए। स्वाध्यायी जी ने कहा कि किसी व्यक्ति के प्रति गलत भाव रखना स्वयं को ही गलत दिशा में ले जाता है।
हमें जीवन में प्रदर्शन, प्रतिस्पर्धा और प्रतिष्ठा की भावना से बचना चाहिए। प्रदर्शन की प्रवृत्ति व्यक्ति को बाहरी दुनिया में उलझाती है, जबकि धर्म हमें प्रदर्शन से आत्मदर्शन की ओर ले जाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि हमारा ध्यान इस बात पर नहीं होना चाहिए कि लोग हमारे कार्यों की कितनी प्रशंसा करेंगे या उससे हमारी प्रतिष्ठा कितनी बढ़ेगी, बल्कि इस पर होना चाहिए कि उस कर्म से हमारी आत्मा कितनी निर्मल हो रही है।
भगवती सूत्र में भगवान महावीर के प्रश्नों के उत्तर
स्वाध्यायी जी ने श्री भगवती सूत्र के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह जैन आगम साहित्य के अत्यंत महत्वपूर्ण सूत्रों में से एक है। इसमें भगवान महावीर ने अपने शिष्यों द्वारा पूछे गए असंख्य प्रश्नों का समाधान एवं उत्तर दिया है। उन्होंने श्रावक-श्राविकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आगमों का अध्ययन और श्रवण केवल ज्ञान प्राप्त करने के लिए नहीं, बल्कि उसे अपने जीवन में उतारने के लिए होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने अच्छे कर्मों पर ध्यान देना चाहिए। नाम और यश के लिए कभी कोई धार्मिक अथवा सामाजिक कार्य नहीं करना चाहिए। किसी को दान देते समय भी यह इच्छा नहीं होनी चाहिए कि हमारा नाम हो, हमारी प्रशंसा हो या लोग हमें दानी के रूप में जानें। सच्ची भावना से किया गया कार्य ही आत्मकल्याण का माध्यम बनता है।
तपस्या एवं भजन
ममता पींचा, विशाल दस्सानी, खुशबू दस्सानी एवं पूजा बोहरा का आज चार उपवास, पायल कोठारी एवं नाहर बेगानी का तीन उपवास गतिमान है! आज सरिता दस्सानी एवं छोटेलाल जी चोरड़िया का तीन दिवसीय उपवास पूर्ण हुआ। छोटेलाल चोरड़िया एवं मोहनलाल पींचा द्वारा आठ दिवसीय मौन व्रत धारण किया हुआ है।
प्रवचन के पश्चात ओसवाल संघ के मंत्री विमल जी दस्सानी ने गीत के माध्यम से आत्मचिंतन, साधना और आत्मकल्याण का संदेश दिया गया एवं घेवरचंद नाहटा ने अपने विचार व्यक्त किये साथ ही तपस्वियों के लिए मंगलभाव व्यक्त किया। वहीं श्री प्रकाश चंद जी नाहटा ने उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को अधिक से अधिक तपस्या करने और आत्मसाधना के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
16 सितंबर को लगेगा रक्तदान शिविर
कार्यक्रम के दौरान तेरापंथ युवक परिषद की ओर से सामाजिक सेवा के अंतर्गत आयोजित होने वाले रक्तदान शिविर की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि 16 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक दिगंबर जैन भवन के ग्राउंड फ्लोर पर रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। अधिक से अधिक लोगों से रक्तदान कर इस सेवा कार्य में सहभागी बनने का आह्वान किया गया।
आज के कार्यक्रम मे श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, कार्यक्रम का संचालन राजेश पींचा ने किया, इस अवसर पर ललित पींचा, मोहन लाल नाहटा, लाल चंद बोथरा, भास्कर पींचा, राकेश सुराणा, बसंत दस्सानी, प्रदीप चोरड़िया सहित अनेक गणमान्यजन सदस्य एवं 100-150 के लगभग संख्या मे श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे। उक्त जानकारी उत्तम जैन ने दी।