टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन उपलक्ष्य में कृष्णापुरी चुटिया अयोध्या बैंक्वेट हॉल में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिवस श्री धाम वृंदावन से पधारे आचार्य भूपेंद्र जी महाराज ने एक विवाह के प्रसंग का वर्णन को कल सायंकाल ही श्री कृष्ण रूक्मणी की कथा श्रवण करवायी।
आज भगवान के 16 हजार 107 और विवाहों की कथा श्रवण करवायी। भगवान कृष्ण की 16 हजार 108 रानिया हैं हर रानी से 10-10 पुत्र और एक एक पुत्री हुई। भगवान की गृहस्थी बहुत बड़ी है। पांडवों द्वारा राजसूय यज्ञ का निमंत्रण आया। भगवान ने अर्जुन और भीम के साथ जाकर भीम द्वारा जरासंध का उद्धार करवाया इसके बाद सुदामा चरित्र की कथा श्रवण करवाई सुदामा जी पर भगवान की कृपा हुई।
द्वारिका पहुंचे तो 3 मुट्ठी चावल लेकर गये। भगवान ने दो मुट्ठी में ही दो लोक का सुख प्रदान किया। यदुवंश को ऋषियों का श्राप, नव योगेश्वर संवाद ठाकुर जी का स्वधाम गमन, शुकदेव विदाई, परीक्षित मोक्ष की कथा श्रवण करवायी। आज कथा का सप्त दिवसीय सत्र आज विश्राम हुआ। कल हवन और भंडारा होगा सभी श्रद्धालु भक्त सादर आमंत्रित है।