रासलीला सांसारिक प्रेम का नहीं, बल्कि जीवात्मा और परमात्मा के दिव्य मिलन का है प्रतीक: मीणा महाराज
एबीएन सोशल डेस्क। डॉ. संत शिरोमणि स्वामी सदानंद महाराज जी के पावन सानिध्य में एम.आर.एस. श्री कृष्ण प्रणामी सेवाधाम ट्रस्ट के तत्वावधान में पुंदाग स्थित श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर में आयोजित चार दिवसीय संगीतमय श्रीकृष्ण बीतक कथा महोत्सव के दूसरे दिन श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। वृंदावन से पधारी सुप्रसिद्ध कथा वाचिका परम पूज्य विदुषी साध्वी मीना महाराज एवं विदुषी साध्वी पूर्णा महाराज ने मधुर भजनों, संकीर्तन और मंगलाचरण के साथ कथा का शुभारंभ किया।
उनकी मधुर वाणी और भक्तिमय प्रस्तुति से पूरा मंदिर परिसर श्रीकृष्णमय हो उठा।कथा के दूसरे दिवस साध्वी मीना महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल एवं किशोर लीलाओं का अत्यंत मार्मिक एवं भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण की प्रत्येक लीला केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि मानव जीवन को धर्म, प्रेम, सेवा और समर्पण का मार्ग दिखाने वाली दिव्य प्रेरणा है।
उन्होंने माखन चोरी लीला का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का माखन चुराना सांसारिक अर्थों में चोरी नहीं, बल्कि भक्तों के निर्मल, निष्कलुष और प्रेममय हृदय को अपनाने का प्रतीक है। जिस प्रकार माखन दूध का सार होता है, उसी प्रकार भगवान अपने भक्तों के प्रेम रूपी सार को स्वीकार करते हैं। यह लीला हमें अहंकार त्यागकर निष्कपट भक्ति का संदेश देती है।
इसके उपरांत गोवर्धन लीला का वर्णन करते हुए साध्वी जी ने बताया कि जब देवराज इन्द्र अपने अहंकार में ब्रजवासियों पर प्रलयंकारी वर्षा करने लगे, तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठिका अंगुली पर गोवर्धन पर्वत धारण कर समस्त ब्रजवासियों और गौवंश की रक्षा की। यह लीला सिखाती है कि ईश्वर अपने भक्तों की सदैव रक्षा करते हैं तथा अहंकार का अंत निश्चित है। साथ ही प्रकृति, गौसेवा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी इसी प्रसंग में निहित है।
कथा के अंत में रासलीला का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया गया। साध्वी मीना महाराज ने कहा कि रासलीला सांसारिक प्रेम का नहीं, बल्कि जीवात्मा और परमात्मा के दिव्य मिलन का प्रतीक है। गोपियों का श्रीकृष्ण के प्रति पूर्ण समर्पण प्रत्येक साधक को निष्काम प्रेम, अटूट श्रद्धा और परम भक्ति का संदेश देता है। कथा के साथ प्रस्तुत मनमोहक जीवंत झांकियों और भक्तिमय भजनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि श्री कृष्ण कथा के तीसरे दिन कंस वध, मथुरा गमन, तथा द्वारका लीला का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा।
इस अवसर पर डूंगरमल अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, पूरणमल सर्राफ, मधुसूदन जाजोदिया, सुरेश अग्रवाल, शिव भगवान अग्रवाल, मनीष जालान, विष्णु सोनी,अरविंद पांडे, मनीष सोनी, अरविंद अग्रवाल पवन पोद्दार, संजय सर्राफ, ज्ञान प्रकाश शर्मा सुरेश भगत, हरीश सोनी, विधा देवी अग्रवाल,बिमला जालान, शोभा जालान, सरिता अग्रवाल ललिता अग्रवाल, शकुन्तला केजरीवाल,रमा डोकानिया, उषा मोदी, नन्द रानी पाठक, रेखा पोद्दार,शिला मुरारका, रिंकु जालान,सुनीता अग्रवाल, प्रमिला पुरोहित, सुनीता देवी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।