टीम एबीएन, रांची। नेताजी एकेडमी उच्च विद्यालय होचर, कांके, रांची के सभागार में आषाढ़ पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरु पूजन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, रांची विभाग के महाविद्यालय विद्यार्थी कार्य प्रमुख शशांक कुलकर्णी ने कहा मानव जीवन के उद्देश्य का भाव को भरने वाला ही गुरु कहलाता है।
भगवान और गुरु यदि एक साथ खड़े दिखाई पड़े तो पहले गुरु को नमन करने का भाव उत्पन्न होता है क्योंकि गुरु ही भगवान का स्वरूप का दर्शन कराते हैं। भगवा ध्वज त्याग, शौर्य, समर्पण, राष्ट्रभक्ति व अनुशासन का प्रतिरूप है, सनातन संस्कृति का प्रतीक है जो निरंतर चलते रहने का संदेश देता है।
पूज्य डॉ केशवराव बलीराम हेडगेवार ने देश को परम वैभवशाली राष्ट्र निर्माण के प्रबल चिंतन के कारण ही देश को अपना परिवार मानकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 1925 में की थी, जिसका शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। मानव जीवन में हमेशा उनके भाव में परिवर्तन होता है, ऐसा समझकर ही आरएसएस ने सनातन संस्कृति के प्रतिक भगवा ध्वज को अपना गुरु माना है।
कार्यक्रम में विद्यालय के निदेशक डॉ बिरेन्द्र साहु, सुजीत उपाध्याय, मनीष साहू, रामकिशोर साहू, विजय उरांव, चंदन सिंह, अनूप साहू सहित कई शिक्षकगण उपस्थित थे। उक्त जानकारी सहायक शिक्षक मनीष साहु (79030 08847) ने दी।