टीम एबीएन, रांची। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई को पूरे भारत में चार्टर्ड अकाउंटेंट दिवस (सीए डे) बड़े सम्मान और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह दिन भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) के अमूल्य योगदान को समर्पित है।
इसी दिन वर्ष 1949 में आईसीएआई की स्थापना संसद द्वारा पारित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स अधिनियम, 1949 के अंतर्गत की गयी थी। यही कारण है कि 1 जुलाई को प्रतिवर्ष सीए डे के रूप में मनाया जाता है। आईसीएआई विश्व के सबसे प्रतिष्ठित और बड़े पेशेवर लेखा संस्थानों में से एक है।
यह संस्था देश में चार्टर्ड अकाउंटेंसी शिक्षा, प्रशिक्षण, परीक्षा, व्यावसायिक आचार-संहिता तथा लेखांकन एवं आॅडिटिंग के उच्च मानकों का निर्धारण करती है। वर्तमान समय में लाखों चार्टर्ड अकाउंटेंट देश और विदेश में वित्तीय प्रबंधन, कराधान, आॅडिट, बैंकिंग, उद्योग, कॉरपोरेट प्रशासन और सरकारी संस्थानों में अपनी सेवाएं देकर आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
चार्टर्ड अकाउंटेंट दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य सीए पेशे के महत्व को समाज के समक्ष प्रस्तुत करना, वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा इस क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पेशेवरों का सम्मान करना है। यह दिवस युवाओं को भी इस प्रतिष्ठित पेशे से जुड़ने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित करता है। आज के डिजिटल और वैश्विक आर्थिक परिवेश में चार्टर्ड अकाउंटेंट की भूमिका केवल लेखा-जोखा तक सीमित नहीं रह गयी है।
वे वित्तीय सलाहकार, कर विशेषज्ञ, जोखिम प्रबंधन विशेषज्ञ, कॉरपोरेट गवर्नेंस के संरक्षक तथा उद्यमियों के विश्वसनीय मार्गदर्शक के रूप में कार्य कर रहे हैं। स्टार्टअप से लेकर बहुराष्ट्रीय कंपनियों तक, प्रत्येक संस्था की सफलता में सीए का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। वस्तु एवं सेवा कर जीएसटी आयकर, वित्तीय नियोजन, निवेश परामर्श और डिजिटल लेखांकन जैसी व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में भी उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर देशभर में आईसीएआई की विभिन्न शाखाओं द्वारा संगोष्ठियां, सेमिनार, रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण, सामाजिक सेवा कार्यक्रम, सम्मान समारोह तथा जागरूकता अभियान आयोजित किये जाते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से समाज के प्रति उत्तरदायित्व और राष्ट्रहित की भावना को भी प्रोत्साहित किया जाता है।
चार्टर्ड अकाउंटेंट दिवस केवल एक पेशेवर उत्सव नहीं, बल्कि ईमानदारी, पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और आर्थिक सुशासन के मूल्यों का सम्मान करने का अवसर है। यह दिवस हमें स्मरण कराता है कि एक सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनका ज्ञान, नैतिकता तथा समर्पण देश की आर्थिक प्रगति का सुदृढ़ आधार है।