डॉक्टर्स राष्ट्र को स्वस्थ एवं सशक्त बनाने में दे रहे हैं महत्वपूर्ण योगदान : संजय सर्राफ
टीम एबीएन, रांची। झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रवक्ता सह इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के आजीवन सदस्य संजय सर्राफ ने कहा है कि हर वर्ष 1 जुलाई को भारत में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस, राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे मनाया जाता है। यह दिवस देश के महानचिकित्सक, प्रख्यात शिक्षाविद्, स्वतंत्रता सेनानी तथा पश्चिम बंगाल के द्वितीय मुख्यमंत्री डॉ बिधान चंद्र रॉय की जयंती एवं पुण्यतिथि के अवसर पर मनाया जाता है।
संयोगवश उनका जन्म और निधन दोनों ही 1 जुलाई को हुआ था। वर्ष 1991 में भारत सरकार ने उनके अतुलनीय योगदान के सम्मान में 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की।
इस दिवस का मुख्य उद्देश्य समाज में चिकित्सकों के अमूल्य योगदान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना है। डॉक्टर केवल रोगों का उपचार ही नहीं करते, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित भी करते हैं। रोगी की पीड़ा को अपना कर्तव्य मानकर दिन-रात सेवा करना, संकट की घड़ी में जीवन बचाने का प्रयास करना तथा चिकित्सा विज्ञान के माध्यम से मानवता की रक्षा करना डॉक्टरों की सबसे बड़ी पहचान है।
चिकित्सक दिवस हमें यह संदेश देता है कि डॉक्टर केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और करुणा का प्रतीक हैं। विशेषकर कोरोना महामारी जैसे कठिन समय में डॉक्टरों ने अपने परिवार और व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं की चिंता किये बिना लाखों लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। उनकी निस्वार्थ सेवा ने पूरे समाज को यह एहसास कराया कि चिकित्सक वास्तव में धरती पर ईश्वर का दूसरा रूप हैं।
इस अवसर पर देशभर के अस्पतालों, चिकित्सा संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों तथा सामाजिक संगठनों द्वारा सम्मान समारोह, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, नि:शुल्क चिकित्सा शिविर, रक्तदान शिविर, संगोष्ठियां और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों को सम्मानित किया जाता है तथा आमजन को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया जाता है।
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस का महत्व केवल डॉक्टरों का सम्मान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में डॉक्टर और मरीज के बीच विश्वास, सहयोग और संवेदनशीलता को मजबूत करना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है। यह दिन हमें स्वास्थ्य के महत्व को समझने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, स्वच्छता अपनाने तथा चिकित्सकों के परामर्श का पालन करने की प्रेरणा देता है।
आज जब चिकित्सा विज्ञान निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है, तब डॉक्टरों की जिम्मेदारियां भी लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस हमें उन सभी चिकित्सकों के प्रति सम्मान, आभार और विश्वास व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है, जो अपने ज्ञान, सेवा और समर्पण से मानव जीवन की रक्षा कर राष्ट्र को स्वस्थ एवं सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।