एबीएन डेस्क। गुड़ाबांदा की तीन लड़कियों के साथ गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस को पता चला कि इनका बड़ा गिरोह है, जिसमें ओडिशा का श्याम राणा भी शामिल है। एसएसपी ने बताया कि बेरार रोड के मकड़ी राठौर (40) मूल रूप से बहरागोड़ा निवासी है और उसकी इसी तरह से शादी मध्य प्रदेश के ही बेरार रोड सेक्टर 12 निवासी परमू राठौर से हुई थी। मकड़ी ने ओडिशा के श्याम राणा से सम्पर्क किया था और श्याम राणा ने गुड़ाबांधा के बालेश्वर मुंडा को इस काम में लगाया। बालेश्वर ने इसके लिए अपने ही इलाके के वैसे परिवार को निशाना बनाया, जो आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर थे और घर में बेटियां थीं। उन्हें नौकरी देने का झांसा देकर पहले जाल में फंसाया और लड़कियों को श्याम राणा के माध्यम से ओडिशा से मध्य प्रदेश और राजस्थान भेज दिया। मध्य प्रदेश और राजस्थान में पप्पू परिहार और मंटू गोस्वामी द्वारा गिरोह बनाकर लोगों से लड़कियों का पहले से सौदा तय कर लिया जाता था। होटल तक इनके पहुंचने के बाद वहां उनके हवाले कर दिया जाता था। इन लड़कियों को बेचने के लिए इस गिरोह द्वारा व्हाटस्एप में तस्वीरों को भेजा जाता था। उन तस्वीरों के आधार पर लड़कियों का सौदा होता था और उनके दाम लगाए जाते थे। इसमें सर्वाधिक मूल्य गुड़ाबांधा की एक लड़की का छह लाख रुपये लगा, जिसे मध्य प्रदेश में ले जाकर बेचा गया। मध्य प्रदेश में बेची गयी तीन लड़कियों का अब तक पता नहीं चला है और इसके लिए डीएसपी के नेतृत्व में एक टीम वहां स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर दबिश दे रही है। पुलिस के अनुसार मध्य प्रदेश और राजस्थान में महिला अनुपात कम होने के चलते ही वहां से या तो शादी करने या फिर गलत पेशे में उन लड़कियों को उतारने के लिए झारखंड की लड़कियों को निशाना बनाया जाता था और मकड़ी, बालेश्वर और राणा जैसे दलालों के माध्यम से उनका सौदा कर लिया जाता था।